उत्तराखंडियों के लिए केजरीवाल सरकार ने किया बड़ा काम, दिल्ली में ऐसा पहली बार हुआ

दिल्ली सरकार ने उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय काम किया है...

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उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बचाने-सहेजने के प्रयास दिल्ली में भी हो रहे हैं। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उत्तराखंडी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति का काम होगा गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देना। समिति का वाइस चेयरमैन उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक, जनकवि और गीतकार हीरा सिंह राणा को बनाया गया है। एकेडमी उत्तराखंड की कला और संस्कृति को बढ़ावा देगी। यही नहीं एकेडमी को जल्द ही एक ऑफिस भी मुहैया कराया जाएगा, जिसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कला, संस्कृति और भाषा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सांस्कृतिक रूप से बेहद समृद्ध शहर है। यहां पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग बसे हैं। इनमें एक बड़ा तबका उत्तराखंड के लोगों का है। उत्तराखंड के बहुत सारे लोग दिल्ली में निवास करते हैं। हम उन लोगों को ऐसा प्लेटफॉर्म मुहैया कराना चाहते हैं, जहां वो अपनी कला-संस्कृति से रूबरू हो सकें। इसके साथ ही दिल्ली के लोग भी उत्तराखंड की संस्कृति को करीब से जान सकेंगे, समझ सकेंगे।

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मनीष सिसोदिया ने कहा कि एकेडमी के वाइस चेयरमैन जाने माने लोकगायक हीरा सिंह राणा है, एकेडमी को स्थापित करने के लिए वो हमारे साथ आए हैं। यही नहीं दिल्ली सरकार गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वालों को अवॉर्ड भी देगी। संस्कृतिकर्मियों को प्रोत्साहन देने के उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। एकेडमी के जरिए लैंग्वेज कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। दिल्ली सरकार एकेडमी के जरिए गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कुल मिलाकर दिल्ली में एक सराहनीय प्रयास हो रहा है, उम्मीद है जल्द ही दूसरे राज्यों में भी हमें इसी तरह की कोशिशें होती नजर आएंगी।



Uttarakhand News: Garhwali kumauni language culture will promote newly formed academy

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