देहरादून की पिंकी को सलाम..गरीब मां-बाप का सहारा बनी, पेट्रोल पंप पर करती है काम

मां-बाप की मदद के लिए और परिवार की आर्थिक सुधारने के लिए देहरादून की पिंकी ने समाज के सामने ऐसा उदाहरण पेश किया कि हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है।

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कई बार कम उम्र में कंधों पर आई जिम्मेदारियों से इंसान अपने सपनों के पंख को काट देता है। कई बार इंसान इन्हीं जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने सपनों को भी पूरा करता है। भावुक, कोमल और कमजोर समझी जाने वाली लड़कियां आज समाज के सामने शक्ति, बहादुरी और कामयाबी की मिसाल पेश कर रही है। कहा जाता है कि बेटियों को मां बाप के दर्द का सबसे ज्यादा एहसास होता है। शायद यही वजह है कि बेटियां कई बार वो कर गुजरती है जिसके लिए हमारा समाज उन्हें इजाजत नहीं देता या कहे पुरुषप्रधान समाज को बेटियां सीधी टक्कर दे देती है। कुछ यही कर रही है देहरादून में सहस्रधारा के मंदाकिनी विहार में रहने वाली पिंकी। जिसकी उम्र महज 19 साल है, लेकिन यह उम्र उसके इरादों को नहीं रोक सकी है। तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी पिंकी ने परिवार के लिए पढ़ाई छोड़ी और पिता का मदद के लिए नौकरी शुरु की। पिंकी पेट्रोल पंप में काम करती हैं।

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उसने जब पेट्रोल पंप में काम शुरु किया तो हर कोई हैरान था कि एक लड़की वो भी 19 साल की पेट्रोल पंप में कैसे काम करेगी। लेकिन अपने बुलंद हौसले और मजबूत इरादों ने पिंकी को हिम्मत दी कि वह वो काम करे जिसे आज तक सिर्फ पुरुषों के लिए ही समझा जाता रहा। पिंकी सुबह 10 से शाम छह बजे तक पेट्रोल पंप पर काम करती हैं। इसके बाद नौकरी से घर वापस आकर वह घर के कामों में अपनी मां का हाथ बंटाती हैं। माता-पिता को भी बेटी के इरादों पर पूरा भरोसा है। वह पिंकी के काम में पूरा सहयोग करते हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी उनका अभिमान है। शायद मां बाप का विश्वास और जिम्मेदारियां ही है जो पिंकी का हौसला बढ़ा रहे है। पिंकी के पिता नरेश ड्राइवर हैं और माता मीना देवी गृहिणी हैं। पिंकी कुछ महीने पहले से सहस्रधारा रोड स्थित पेट्रोल पंप पर काम कर रही हैं।

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कुछ परेशानियों के चलते उसे अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ गई थी। जिसके बाद उसने पेट्रोल पंप में नौकरी शुरु की। माता पिता की आर्थिक रुप से मदद कर उन्हें एक अच्छी जिन्दगी देने के सपने के साथ उसने अपने लिए देखे सपने को भी टुटने नहीं दिया है। अपनी बीच में छोड़ी पढ़ाई को वो पूरा करना चाहती है और इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए उसने अभी हाल ही में ही 11वीं के लिए ऑनलाइन फार्म भरे हैं। पिंकी का कहना है कि आज के दौर की लड़कियां हर वो काम कर सकती हैं, जो समाज में पुरुषवादी मानसिकता के चलते मना किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप पर काम करते हुए उसके सामने कभी कोई दिक्कत नहीं आती है और न ही उसे इस काम करने में कोई झिझक महसूस होती है। वह अपना काम ईमानदारी, मेहनत और लगन के साथ करती हैं। वाक्य में बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है। वो आज लड़कों को हर क्षेत्र में टक्कर दे रही है। हमें बस इसी हिम्मत की हौसला अफजाई करनी है।


Uttarakhand News: story of dehradun petrol pump worker pinky

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