रुद्रप्रयाग: साइबर ठगों ने इनाम जीतने का लालच देकर रुद्रप्रयाग के एक व्यक्ति को ऐसा जाल में फंसाया कि वह करीब 1.50 करोड़ रुपये गंवा बैठा। फेसबुक पर चल रहे ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ऑनलाइन गेम में 8.5 लाख रुपये जीतने का झांसा दिया गया। इसके बाद इनामी रकम और कार दिलाने के नाम पर अलग-अलग टैक्स और शुल्क के बहाने लगातार पैसे जमा कराए गए। लगातार रकम देने के बावजूद जब इनाम की राशि नहीं मिली तो पीड़ित को साइबर ठगी का एहसास हुआ। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
Rudraprayag Man Loses Rs 1.5 Crore in Fake KBC Online Game Scam
शिकायत के मुताबिक पीड़ित व्यक्ति 14 जनवरी 2026 से फेसबुक पर चल रहे KBC ऑनलाइन गेम में ‘चेहरा पहचानो’ गेम खेलने लगे थे। गेम में दावा किया गया था कि प्रत्येक सही जवाब पर 8.5 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। पीड़ित व्यक्ति के अनुसार, पहली बार में ही उन्हें बताया गया कि उन्होंने 8.5 लाख रुपये जीत लिए हैं। इसके बाद उनके पास नितिन नाम के व्यक्ति का व्हाट्सऐप पर संपर्क आया।
1,550 रुपये से शुरू हुई ठगी
शिकायत के अनुसार, नितिन ने इनामी रकम जारी करने के नाम पर सबसे पहले 1,550 रुपये टैक्स के रूप में जमा करने को कहा। रकम जमा करने के बाद अलग-अलग व्हाट्सऐप नंबरों से उनसे संपर्क किया जाने लगा। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग शुल्क और टैक्स के नाम पर रकम मांगनी शुरू कर दी। हर भुगतान के बाद उन्हें भरोसा दिलाया जाता रहा कि इनामी रकम जल्द उनके खाते में पहुंच जाएगी।
फर्जी दस्तावेज भेजकर बनाया भरोसा
पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर कई फर्जी दस्तावेज भी भेजे। शिकायत के मुताबिक इनमें मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले दस्तावेज शामिल थे। आगे पढ़िए..
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इसके अलावा रिजर्व बैंक के नाम से भी कथित फर्जी दस्तावेज भेजे गए। इन दस्तावेजों और लगातार संपर्क के जरिए पीड़ित को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि वह वास्तव में बड़ी इनामी रकम पाने वाला है।
इनाम के साथ कार का भी दिया लालच
शिकायत के अनुसार, ठगों ने केवल 8.5 लाख रुपये की इनामी राशि ही नहीं, बल्कि कार दिलाने का भी झांसा दिया। इसके लिए अलग-अलग टैक्स और शुल्क के नाम पर भुगतान कराया जाता रहा। पीड़ित ने इन रकमों का इंतजाम करने के लिए लोगों से उधार तक लिया। लेकिन भुगतान का सिलसिला जारी रहने के बावजूद उसे न तो इनाम की रकम मिली और न ही कार।
करीब डेढ़ करोड़ रुपये गंवाए
शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में कुल करीब 1.50 करोड़ रुपये दे दिए। जब लगातार पैसे देने के बाद भी इनामी रकम नहीं मिली तो उसे पूरे मामले पर शक हुआ। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खातों और व्हाट्सऐप नंबरों की जांच
साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र नबियाल के मुताबिक मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सऐप संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और इस साइबर ठगी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
यह मामला ऑनलाइन गेम और इनाम के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के खतरे को भी सामने लाता है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर इनाम, टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे जमा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।