उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से सामने आया इंद्रमणि नौटियाल का मामला लगातार चर्चा में है। डुंडा विकासखंड के गोरसाड़ा गांव निवासी इंद्रमणि नौटियाल वर्ष 2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वह रियाद की एक निजी कंपनी में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक सड़क दुर्घटना के मामले में उन्हें सऊदी कानून के तहत एक साल की जेल की सजा हुई। परिजनों के अनुसार, सजा पूरी होने के बाद भी वह भारत वापस नहीं लौट सके। परिवार का दावा है कि इसके बाद से ही उनकी स्वदेश वापसी लगातार अटकी हुई है।
Indramani Nautiyal Saudi Arabia Return Jubin Nautiyal Help CM Dhami
इंद्रमणि नौटियाल की घर वापसी के लिए समाजसेवी रोशन रतूड़ी की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। अब इस मुहिम को उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल का भी सहयोग मिला है। रोशन रतूड़ी के अनुसार, जुबिन नौटियाल ने अभियान के लिए ₹1 लाख की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने कहा कि यह मदद केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि वर्षों से अपने परिवार के सदस्य की वापसी का इंतजार कर रहे परिजनों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है।
दुर्घटना और मुआवजे का विवाद बना बड़ी बाधा
परिवार के मुताबिक, जिस सड़क दुर्घटना के मामले में इंद्रमणि को सजा हुई थी, उसमें संबंधित वाहन का बीमा नहीं था। इसी मामले में कंपनी पर करीब 9 लाख सऊदी रियाल, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग ₹2.29 करोड़, का जुर्माना लगाए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि कंपनी की ओर से जुर्माना जमा नहीं किए जाने के कारण इंद्रमणि की स्वदेश वापसी का मामला उलझा हुआ है। परिवार का यह भी आरोप है कि कंपनी ने उनका पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लिए थे। हालांकि इन सभी दावों और कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित अधिकारियों की जांच और सऊदी कानून के तहत प्रक्रिया से होगा।
बेटी दीपिका की भावुक अपील
इंद्रमणि नौटियाल की बेटी दीपिका नौटियाल का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला लोगों का ध्यान खींच रहा है। आगे पढ़िए..
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दीपिका ने बताया कि वह करीब आठ वर्षों से अपने पिता को नहीं देख पाई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी लगातार खराब होती गई है। उनके अनुसार, मां गृहिणी हैं और परिवार में एक छोटा भाई भी है। इंद्रमणि ही परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं। दीपिका ने सरकार और आम लोगों से अपने पिता की सुरक्षित भारत वापसी में सहयोग करने की अपील की है।
CM धामी ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय से इंद्रमणि नौटियाल के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और उन्हें आवश्यक कानूनी एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ₹2 लाख की सहायता
राज्य सरकार ने इंद्रमणि के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ₹2 लाख की सहायता भी स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री के समन्वयक किशोर भट्ट के अनुसार, परिवार लंबे समय से आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। सरकार की ओर से परिवार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
PM से लेकर दूतावास तक लगा चुके हैं गुहार
परिवार के अनुसार, इंद्रमणि की स्वदेश वापसी के लिए पिछले कई वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिजन मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर चुके हैं। परिवार ने सांसद अनिल बलूनी से भी मुलाकात कर मामले की जानकारी दी है। हाल ही में बेटी दीपिका ने उत्तरकाशी जिलाधिकारी को दूसरी बार ज्ञापन सौंपकर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी और प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की।
रोशन रतूड़ी की मुहिम से जगी नई उम्मीद
समाजसेवी रोशन रतूड़ी की पहल से शुरू हुआ अभियान अब धीरे-धीरे व्यापक समर्थन हासिल कर रहा है। जुबिन नौटियाल की आर्थिक मदद और मुख्यमंत्री की ओर से विदेश मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद परिवार को उम्मीद है कि मामले में अब तेजी आएगी। परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि आठ साल से चला आ रहा इंतजार खत्म हो और इंद्रमणि नौटियाल सुरक्षित अपने घर लौट सकें।