कोटद्वार: व्यापारी से हाथापाई और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को एसडीएम न्यायालय से जमानत मिल गई। कोर्ट ने दो जमानतियों के साथ डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर उसे छोड़ा और अगले छह महीने तक कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
Mohammad Deepak Gets Bail in Kotdwar
हिंदू व्यापारी के साथ हाथापाई और धमकी देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को एसडीएम न्यायालय में पेश किया। शुक्रवार शाम एसडीएम कोर्ट में सुनवाई के बाद उसे दो जमानतियों के साथ डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई।
छह महीने तक कानून व्यवस्था बिगाड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी
मजिस्ट्रेट संदीप कुमार की अदालत ने दीपक को नोटिस जारी किया। इसमें अगले छह महीने के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने या किसी घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने की स्थिति में अर्थदंड समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अदालत की ओर से दी गई यह शर्त जमानत के साथ जारी चेतावनी के रूप में सामने आई है।
व्यापारियों ने कोतवाली में दिया था धरना
मामले को लेकर बुधवार शाम नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कोटद्वार कोतवाली में धरना दिया था। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
व्यापारियों का आरोप था कि जिम संचालक दीपक पहले भी क्षेत्र में विवाद और अशांति का कारण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया घटना में दीपक ने व्यापारी संजीव टांक के साथ हाथापाई की और उन्हें धमकी दी।
सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी के बाद विवाद का आरोप
प्रकरण की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने से संबंधित घटनाक्रम की एक पोस्ट मोहम्मद दीपक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की थी। गंगादत्त जोशी मार्ग पर गारमेंट्स कारोबारी संजीव टांक ने इस पोस्ट पर टिप्पणी की थी। आरोप है कि टिप्पणी से नाराज होकर दीपक उनके प्रतिष्ठान पर पहुंचा और वहां विवाद हुआ। मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि दीपक ने कुछ मुस्लिम व्यापारियों को संजीव टांक के खिलाफ भड़काने की कोशिश की। हालांकि, ये आरोप मामले से जुड़े पक्षों की ओर से लगाए गए हैं और इनका अंतिम निर्धारण संबंधित कानूनी प्रक्रिया में होना है।
जमानत के बाद भी प्रशासन की नजर
एसडीएम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दीपक को फिलहाल रिहा कर दिया गया है। हालांकि, अगले छह महीनों के दौरान किसी कानून-व्यवस्था संबंधी घटना में उसकी भूमिका पाए जाने पर अदालत की चेतावनी के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।