उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के वेटरनरी विभाग में कार्यरत एक ठेकाकर्मी पर तीन मासूम बच्चियों के साथ कथित अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ POCSO एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
3 girls molested in Pantnagar University
पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:30 बजे पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर की वीआईपी रोड स्थित फूलबाग क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर खेल रही मासूम बच्चियों के पास आरोपी बाइक से पहुंचा। आरोप है कि उसने बच्चियों को टॉफी देने का लालच देकर अपने पास बुलाया और उनके साथ कथित अश्लील हरकत की। डरी-सहमी बच्चियां किसी तरह वहां से निकलकर अपने घर पहुंचीं और पूरी घटना अपने परिजनों को बताई।
आरोपी की तलाश में निकले परिजन, लोगों में फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी, लेकिन वह मौके से फरार हो चुका था। इसी दौरान आसपास के लोगों से यह भी चर्चा सामने आई कि आरोपी पहले भी कुछ बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार कर चुका है। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आक्रोशित लोगों ने पहले विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग का विरोध किया और बाद में बड़ी संख्या में पंतनगर कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि पहले शिकायतों पर कार्रवाई होती तो इतनी गंभीर घटना नहीं होती। लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
पुलिस ने दर्ज किए तीन अलग-अलग मुकदमे
पुलिस ने तीनों पीड़ित परिवारों की शिकायत के आधार पर विश्वविद्यालय के वेटरनरी विभाग में कार्यरत ठेकाकर्मी दीपक शर्मा, निवासी जवाहर नगर, के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपी पहले भी इस प्रकार की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
विश्वविद्यालय परिसर में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
संविदा और ठेका कर्मचारियों का सत्यापन अनिवार्य किया जाए।
बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।