उत्तराखंड पंचायत चुनाव रिजल्ट: सबसे कम उम्र की प्रधान बनीं 21 साल की रागिनी, साइकोलॉजी से ग्रेजुएट

साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन करने वाली रागिनी महज 21 साल की उम्र में अपने गांव की प्रधान चुन ली गईं, जानिए इनके बारे में...

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उत्तराखंड में संपन्न हुआ पंचायत चुनाव कई मायनों में बेहद खास रहा। चुनाव में महिलाओं ने ना सिर्फ वोटर बल्कि प्रत्याशी के तौर पर भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रधान पद पर महिलाएं बड़ी तादाद में जीती हैं। जीतने वाली महिला प्रत्याशियों में कई युवा प्रत्याशी भी शामिल हैं। इन्हीं में से एक हैं 21 साल की रागिनी आर्य, जिन्हें सबसे कम उम्र की प्रधान बनने का गौरव हासिल हुआ है। रागिनी हल्द्वानी की पनियाली ग्राम सभा से प्रधान चुनी गईं। उनकी उम्र महज 21 साल है। समाजसेवा का जज्बा रागिनी में कूट कूटकर भरा है। रागिनी साइकोलॉजी में ग्रेजुएट हैं, पर गांव-समाज के लिए कुछ बेहतर करने की इच्छा उन्हें राजनीति में खींच लाई। इस बार रागिनी ने प्रधान पद पर चुनाव लड़ा और इसमें जीतीं भी।

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रागिनी ने अपने विरोधी को 383 मतों से हराया। उन्होंने साइकोलॉजी में इसी साल ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। रागिनी ने कहा कि मैं पूरी कोशिश करूंगी कि गांववालों की अपेक्षाओं पर खरी उतरूं। गांववालों ने मुझ पर भरोसा जताया, मुझे वोट दिया, अब गांव के विकास की जिम्मेदारी मुझ पर है। इसी तरह देहरादून के रायपुर में 23 साल की शिवानी कंडारी चुनाव जीती हैं। शिवानी को लड़वाकोट के ग्रामीणों ने अपना प्रधान चुना, वो अभी सिर्फ 23 साल की हैं, शिवानी ने भी गांव के विकास का संकल्प दोहराया। चंपावत के भंडार बोरा में मीना कुंवर प्रधान चुनी गईं। मीना की उम्र अभी 23 साल है, उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी को 27 वोट से हराया।


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