देवभूमि के लिए अनिल बलूनी ने छेड़ दिया अभियान..साथ में जुड़े अजीत डोभाल

वास्तव में ये गजब की पहल है और ये भी सच है कि उत्तराखंड में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है। सांसद बलूनी की पहल के साथ हर कोई जुड़ रहा है।

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हम उत्तराखँड से बाहर रह रहे हैं लेकिन इतना तो कर सकते हैं कि लोकतंत्र के महापर्व यानी चुनाव के दिन अपने गांव जाएं और सही सरकार को चुनें। सांसद अनिल बलूनी ने एक गजब की पहल शुरू की है, जिसका नाम है ‘अपना वोट-अपने गांव’। इस मुहिम का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। बड़ी से बड़ी हस्तियां इस अभियान से जुड़ रही हैं। देश के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत की बात करें या फिर NSA अजीत डोभाल की बात करें...हर कोई अपने पहाड़ से जुड़ने के लिए तैयार है और पहाड़ के लिए कुछ करना चाहता है। अब उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने "अपना वोट-अपने गांव" अभियान के तहत आज राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जी से भेंट की। उन्होंने पलायन रोकने की मुहिम में श्री डोभाल से परिचर्चा कर अनुभवों को किया, साथ ही उन्होंने कि अजीत डोभाल भारत के गौरव हैं, राष्ट्र हित मे उनके योगदान के लिए हर उत्तराखंडी को उन पर गर्व है।

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बलूनी ने कहा कि अजीत डोभाल ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे गंभीरता से उत्तराखंड में अपने मूल गांव से निरंतर जुड़ने के क्रम में हैं और शीघ्र ही वे अपना वोट अपने मूल गांव में स्थानांतरित करेंगे। सांसद बलूनी ने कहा उत्तराखंड की इन बड़ी हस्तियों के द्वारा अपना वोट अपने गांव की पहल को समर्थन देने से देश-विदेश में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों में सकारात्मक संदेश जाएगा और गांव को फिर से आबाद करने, पलायन को रोकने का अभियान आगे बढ़ेगा। सांसद बलूनी ने कहा की उत्तराखंड की इन बड़ी हस्तियों का समर्थन उत्तराखंड राज्य कि इस विकराल समस्या के समाधान में सहयोग करेगा और प्रवासियों को गांव से जोड़ने में सहयोग करेगा। सरकारी सिस्टम से अवस्थापना तो की जा सकती है किंतु पलायन को बिना सामाजिक जागृति से नहीं रोका जा सकता। दुर्भाग्य का विषय है कि हमारे पूर्वजों के खून पसीने से सींची हुई धरती आज भुतहा और बंजर स्थिति मैं बदल रही है, जिसे संवारने के लिए सबका सहयोग आवश्यक है।

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सांसद बलूनी ने कहा कि उनकी इसी क्रम में कोस्ट गार्ड (तटरक्षक बल) के डीजी राजेंद्र सिंह से भी भेंट हुई। राजेन्द्र सिंह से यह सुनकर सुखद अनुभूति हुई कि उनका अपने गांव चकराता क्षेत्र में भवन निर्माणाधीन है। श्री बलूनी ने उपरोक्त दोनों महानुभावों से हुई भेंट में "अपना वोट-अपने गांव" अभियान का प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया। सांसद बलूनी ने कहा कि आगामी 15 अगस्त तक वह ऐसे महानुभावों और इस विषय पर चिंता करने वाले व्यक्तियों से संवाद कर अनुरोध करेंगे कि पहाड़ों को पुनः आबाद करने और पलायन रोकने की संयुक्त पहल को मजबूत किया जाए।


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