पहाड़ के कमलेश को अनंत शुभकामनाएं...लाखों की नौकरी छोड़कर वायु सेना में ऑफिसर बने

कमलेश लाखों के सालाना पैकेज वाली नौकरी कर रहे थे पर देश की सेवा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ वायु सेना ज्वाइन कर ली...

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बात जब देशसेवा की आती है तो उत्तराखंड के युवा हमेशा आगे रहते हैं। सेना को जवान देने हों या फिर अफसर, उत्तराखंड हमेशा आगे रहा है। देशभक्ति का जज्बा यहां के युवाओं में कूट-कूटकर भरा है और ये उनका सौभाग्य ही है कि उन्हें देश की रक्षा में योगदान देने के अवसर भी खूब मिलते हैं। ऐसे ही होनहार युवा हैं सीमांत जिले पिथौरागढ़ के कमलेश सिंह बोहरा, जो कि भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। उन्होंने वायु सेना में अफसर बन उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। कमलेश की ये उपलब्धि क्यों खास है, चलिए ये भी आपको बता देते हैं। दरअसल कमलेश सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं, वो एक प्राइवेट कंपनी में लाखों रुपये पैकेज वाली नौकरी कर रहे थे। कमलेश चाहते तो एक आरामतलब जिंदगी गुजार सकते थे, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। देशसेवा के लिए कमलेश ने प्राइवेट कंपनी की लाखों रुपये सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी और वायुसेना ज्वाइन कर ली।

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आज कमलेश सिंह बोहरा वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। कमलेश मूलरूप से वड्डा, बिलई के रहने वाले हैं। शनिवार को कमलेश का वो सपना साकार हुआ, जिसे वो बचपन से देखते आ रहे थे। वायुसेना अकादमी हैदराबाद में हुई पासिंग आउट परेड के बाद कमलेश विधिवत रूप से भारतीय वायु सेना का हिस्सा बन गए। ये पल गर्व से भर देने वाला था। कमलेश का उत्साह देखते ही बन रहा था, तो वहीं उनके परिजनों की आंखें भी खुशी से भर आईं। चलिए अब आपको कमलेश वोहरा के बारे में थोड़ी जानकारी और दे देते हैं। कमलेश ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई मल्लिकार्जुन स्कूल से की। बाद में हायर एजुकेशन के लिए वो दिल्ली चले गए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें टीसीएस में ऊंचे पद पर काम करने का मौका मिला, पर कमलेश तो कुछ और ही चाहते थे।

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वो देश के लिए कुछ करना चाहते थे, इसी सोच ने उन्हें हिम्मत दी और उन्होंने नौकरी छोड़कर वायु सेवा में अधिकारी बनने के लिए तैयारी शुरू कर दी। कमलेश को सफलता मिली और आज उनके बचपन का सपना साकार हो गया। कमलेश के पिता प्रकाश सिंह बोहरा नौसेना से सीपीओ पद से रिटायर्ड हैं, जबकी माता आशा बोहरा गृहणी है। कमलेश का परिवार हल्द्वानी में रहता है। कमलेश की इस उपलब्धि से उनके गृहक्षेत्र में खुशी का माहौल है, उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया। कमलेश को राज्य समीक्षा टीम की तरफ से भी शुभकामनाएं...वास्तव में ऐसे युवाओं पर देवभूमि को गर्व है, जिनके लिए सब पहले देशसेवा है।


Uttarakhand News: story of pirhoragarh kamlesh bohra

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