उत्तराखंड में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे की आतिशबाज़ी, नियम तोड़े तो कार्रवाई होगी!

अगर आप दिवाली पर जमकर पटाखे छुड़ाने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपको निराश कर सकती है। इस बार सिर्फ दो घंटे के लिए पटाखेबाजी होगी। टाइम भी जान लीजिए

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इस दिवाली पर उत्तराखंड में दो घंटे से ज्यादा पटाखेबाजी की तो कार्रवाई होगी। जी हां सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा देश की सभी प्रदेश सरकारों को भी ये आदेश भेज दिए गए हैं। अब आपको ये भी बता देते हैं कितने बजे से लेकर कितने बजे तक पटाखे छुड़ाने का वक्त है। रात के 8 बजे से रात के 10 बजे तक ही पटाखेबाज़ी होगी। अगर इसके बाद भी नहीं माने, तो कार्रवाई हो सकती है। गृह विभाग इस बारे में कार्रवाई करेगा। सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार इस पर जल्द ही अपना फैसला ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश पटाखेबाजी से होने वाले प्रदूषण से बचाव को लेकर जारी किए हैं। बार बार ये ही कहा जाता है कि दिवाली पर प्रदूषण की मात्रा खतरनाक लेवल को पार कर जाती है।

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आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली की तरह देहरादून में भी दिवाली पर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर जाता रहा है। अब राज्य सरकार को दो घंटे की सीमा का निर्धारण करना है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग जल्द ही कोर्ट के आदेश को देखकर नए दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। आपको बता दें कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून देश के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में टॉप-5 में भी आ चुकी है। कुछ वक्त पहले अंतरराष्ट्रीय संगठन ग्रीनपीस इंडिया ने एक हैरान कर देने वाली लिस्ट जारी की थी। देश के प्रदूषित शहरों की लिस्ट तैयार की गई थी। इसमे दिल्ली पहले नंबर पर थी। हरियाणा का भिवानी, बिहार के पटना के बाद उत्तराखंड के देहरादून का नंबर था। ये आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के लिए भी चिंता का सबब बने हुए हैं।

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वायु प्रदूषण के बढऩे की सबसे बड़ी वजह गाड़ियों और अवैध तरीके से चल रहे प्रतिबंधित कैटेगरी के जनरेटर हैं। देहरादून में लगातार निर्माण कार्य हो रहा है, इस वजह से भी प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण से बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है। इसकी वजह से लोगों को अस्थमा, दमा और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। खासतौर पर दिवाली के वक्त प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश के हर राज्य के लिए ये गाइड लाइन जारी की गई हैं। उत्तराखंड सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर मिल चुके हैं और अब इसके लिए वक्त तय किया जा रहा है। कुल मिलाकर कहें तो आतिशबाज़ी के शौकीनों के लिए ये एक बुरी खबर हो सकती है।


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