भ्रष्टाचार पर त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, NH-74 घोटाले में दो IAS अफसर सस्पेंड

एनएच-74 घोटाले में त्रिवेंद्र सरकार नरमी बरतने के मूड में नहीं है। इसी के तहत एक्शन लेते हुए दो IAS अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। पढ़िए पूरी कहानी

Trivendra govt big action on nh 74 scam - trivendra singh rawat, nh 74 scam, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand,एसआईटी,आइएएस अफसर,पंकज कुमार पांडेय,त्रिवेंद्र सरकार,NH 74 घोटाले,सरकारउत्तराखंड,, बीजेपी

300 करोड़ का घोटाला, जिसने उत्तराखंड की सियासी सरजमीं में उथल-पुथल मचा दी थी। उधमसिंह नगर जिले में एनएच-74 के चौड़ीकरण की बात तो की गई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण के लिए जो मुआवजा राशि बांटी गई, उसमें 300 करोड़ रुपये का घोटाला हो गया। इसके बाद बीजेपी सत्ता में आई तो सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुशासन की बात कहकर इरादे साफ कर लिए थे। करप्शन के खिलाफ नो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और एक साल के भीतर करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी ने बता दिया कि एसआईटी हर जगह बाज़ की तरह नजरें गड़ाए है। अब त्रिवेंद्र सरकार ने इस मामले में बड़ा एक्शन लिया है। एनएच 74 मामले में फंसे दो आइएएस अफसर पंकज पांडेय और चंद्रेश कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया गया है।

यह भी पढें - अब देहरादून से पिथौरागढ़ 25 मिनट, 7 अक्टूबर को PM मोदी करेंगे हवाई सेवा का शुभारंभ!
शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि मुआवजा देने के लिए जमीन के उपयोग (लैंड यूज़) को ही बदला गया। जांच बाद 8 पीसीएस को आरोपी करार दिया गया है। एसआइटी ने कुछ कुछ वक्त पहले सरकार को भेजी अपनी जांच रिपोर्ट में दो आइएएस अधिकारियों के शामिल होने की बात भी कही। आइएएस पंकज कुमार पांडेय और आइएएस चंद्रेश यादव जिलाधिकारी के रूप में ऊधमसिंह नगर जिले में इस दौरान आर्बिटेटर की भूमिका में थे। यहां आपको बता दें कि मुआवजा देने में आर्बिटेटर की अहम भूमिका होती है। एसआइटी की रिपोर्ट के बाद सरकार ने दोनों के खिलाफ जांच के लिए डीओपीटी को पत्र लिखा है। जांच के बाद कई खुलासे हुए और दोनों IAS अफसर को इस मामले में संलिप्त पाया गया है। अब त्रिवेंद्र सरकार ने दोनों आइएएस अफसरों को सस्पेंड कर दिया है।

यह भी पढें - उत्तराखंड की बेमिसाल परंपरा..26 जनवरी को राजपथ पर दिखेगी पहाड़ की बग्वाल
अब तक इस घोटाले में करीब 20 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, 11 से ज्यादा की जमानत खारिज हो चुकी थी और कोर्ट में 12 के लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी थी। 2017 के नवंबर महीने में ही NH 74 घोटाले का मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह सरेंडर करने के लिए पहुंच गया। 26 दिन से डीपी सिंह एसआईटी से आंख-मिचौली कर रहा था। असल मोड़ आया 2018 के मार्च में...अंडरग्राउंड चल रही एलाइड इंफ्रा की एमडी प्रिया शर्मा और निदेशक सुधीर चावला के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट से कुर्की के आदेश ले लिए। लगातार होती कार्रवाइयां ये साबित कर रही हैं कि सरकार दोषियों को बख्शने के मूड में कतई नहीं है। लभगत तय माना जा रहा है कि सरकार इस मामले की तह तक पहुंच गई है। देखना है कि आगे क्या होता है।


Uttarakhand News: Trivendra govt big action on nh 74 scam

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें