उत्तराखंड देहरादूनRekha Arya Case Non-Bailable Warrant Issued Against Husband

उत्तराखंड: रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश

रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के विवाद में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। तीन नोटिस के बावजूद बयान देने नहीं पहुंचने पर गिरधारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है और गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई हैं।

Rekha Arya Husband Case: Rekha Arya Case Non-Bailable Warrant Issued Against Husband
Image: Rekha Arya Case Non-Bailable Warrant Issued Against Husband (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को जांच के दौरान कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं। वहीं, तीन बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचने पर पुलिस ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

Rekha Arya Case: Non-Bailable Warrant Issued Against Husband

एसआईटी प्रमुख जया बलूनी के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए तीन नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद वह देहरादून पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट प्राप्त किया है। जया बलूनी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।

SIT को जांच में मिले अहम साक्ष्य

रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद की जांच एसआईटी कर रही है। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अब पुलिस का ध्यान गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर है।

क्या है रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू का विवाद?

उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अक्टूबर 2026 में देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में उन्होंने घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आगे पढ़िए..

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रेखा आर्या का आरोप है कि उन्हें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली थी, जिसमें उनके पति किसी अन्य महिला के साथ मिलकर उनकी और उनके बच्चों की हत्या की साजिश रच रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने वर्ष 2004 में खुद को अविवाहित बताकर उनसे शादी की थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे।
शिकायत में मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, कंपनियों के निदेशक पद से कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए हटाने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी शामिल हैं। रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा था कि वह वर्ष 2022 से 2026 तक उत्पीड़न सहती रहीं और इसके बाद उन्हें कानूनी कदम उठाना पड़ा।

गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका दावा है कि दोनों की शादी को 22 साल हो चुके हैं और उनके बीच कोई मनमुटाव नहीं था। उन्होंने रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है। ये आरोप गिरधारी लाल साहू की ओर से लगाए गए हैं।

हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

इस मामले में गिरधारी लाल साहू ने प्राथमिकी निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को नैनीताल हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई पूरी हुई, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। फिलहाल मामले की जांच एसआईटी कर रही है। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस गिरधारी लाल साहू की तलाश में जुटी है। हाईकोर्ट के सुरक्षित फैसले और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर इस मामले की अगली स्थिति निर्भर करेगी।