उत्तराखंड पिथौरागढ़Adi Kailash Yatra Telangana Woman Dies in Pithoragarh

उत्तराखंड: कैलाश यात्रा पर 66 वर्षीय महिला की मृत्यु, कुटी में बिगड़ी तबियत.. हार्ट अटैक की आशंका

पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा पर आई तेलंगाना की 66 वर्षीय महिला श्रद्धालु की अचानक मौत हो गई। कुटी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गुंजी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

Adi Kailash Yatra 2026: Adi Kailash Yatra Telangana Woman Dies in Pithoragarh
Image: Adi Kailash Yatra Telangana Woman Dies in Pithoragarh (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश यात्रा पर आई तेलंगाना की 66 वर्षीय महिला श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। महिला कुटी के एक होमस्टे में ठहरी थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गुंजी के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

Adi Kailash Yatra: Telangana Woman Dies in Pithoragarh

जानकारी के अनुसार आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए पिथौरागढ़ पहुंची तेलंगाना की 66 वर्षीय मान्धा देवममा की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह अपने यात्रियों के दल के साथ कुटी पहुंची थीं और वहां एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। इसके बाद कुटी स्थित 36वीं वाहिनी आईटीबीपी पोस्ट पर उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

गुंजी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

प्राथमिक उपचार के बाद भी महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें कुटी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुंजी ले जाया गया। वहां मेडिकल टीम ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल टीम ने प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक होने की आशंका जताई है। हालांकि, इसे अंतिम कारण नहीं माना गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण

घटना की सूचना प्रशासन को दी गई। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार, महिला का शव धारचूला पहुंचाया गया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

हाई एल्टीट्यूड में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य का रखें ध्यान

आदि कैलाश क्षेत्र काफी ऊंचाई वाला हिमालयी इलाका है। ऐसे क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। आगे पढ़िए..

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इसलिए यात्रा पर जाने से पहले विशेष रूप से उम्रदराज यात्रियों और हृदय या सांस से जुड़ी समस्या वाले लोगों को चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। यात्रा के दौरान सांस फूलना, चक्कर, सिरदर्द, अत्यधिक थकान या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत आराम करने और चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी जाती है।

आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर हाल में बढ़ी यात्रियों की आवाजाही

सितंबर के अंत में मार्ग खुलने के बाद आदि कैलाश यात्रा के लिए बड़ी संख्या में यात्री रवाना हुए हैं। 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, मार्ग खुलने के बाद धारचूला में रुके 500 से अधिक यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी कर यात्रा के लिए भेजा गया था। हालांकि, कुटी और ज्योंलिंगकांग की ओर बर्फबारी के कारण आवाजाही पर अस्थायी रोक भी लगाई गई थी।

आदि कैलाश कहां स्थित है?

आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के व्यास घाटी क्षेत्र में स्थित है। इसे छोटा कैलाश और शिव कैलाश के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत-तिब्बत सीमा के निकट उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इनर लाइन परमिट लेना होता है। मौसम और मार्ग की स्थिति के आधार पर प्रशासन यात्रा और परमिट को नियंत्रित भी करता है। जुलाई 2026 में लगातार बारिश के कारण परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।