उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Teacher Recruitment Other-State D El Ed Women Eligible

उत्तराखंड: विवाहित महिलाओं को राहत, दूसरे राज्य से D.El.Ed करने पर भी पात्रता; लेकिन ये रहेगी शर्त

उत्तराखंड में विवाह करने वाली अन्य राज्यों से दो वर्षीय D.El.Ed करने वाली महिला अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षक भर्ती में पात्र माना जाएगा। हालांकि, दूसरे राज्य के आरक्षित वर्ग से आने वाली इन महिलाओं को उत्तराखंड में लागू आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा...

Uttarakhand Teacher Recruitment: Uttarakhand Teacher Recruitment Other-State D El Ed Women Eligible
Image: Uttarakhand Teacher Recruitment Other-State D El Ed Women Eligible (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में बेसिक शिक्षक बनने की तैयारी कर रही उन विवाहित महिला अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से दो वर्षीय D.El.Ed किया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी महिला अभ्यर्थी, जिसका विवाह उत्तराखंड में हुआ है, प्रदेश में बेसिक शिक्षक पद के लिए पात्र मानी जाएगी।

Uttarakhand Teacher Recruitment: Other-State D.El.Ed Women Eligible

शिक्षा विभाग के अनुसार, यदि किसी महिला ने उत्तर प्रदेश अथवा किसी अन्य राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से D.El.Ed किया है और बाद में उसका विवाह उत्तराखंड में हुआ है, तो वह प्रदेश में बेसिक शिक्षक पद के लिए दावेदारी कर सकती है। इसके लिए संबंधित राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से जारी D.El.Ed प्रमाण पत्र होना जरूरी होगा। यानी केवल इस आधार पर महिला अभ्यर्थी को बेसिक शिक्षक भर्ती से बाहर नहीं किया जाएगा कि उसने D.El.Ed उत्तराखंड के बजाय किसी दूसरे राज्य से किया है।

लेकिन उत्तराखंड का आरक्षण नहीं मिलेगा

शिक्षा विभाग ने आरक्षण को लेकर स्थिति भी स्पष्ट कर दी है। दूसरे राज्य में आरक्षित वर्ग से संबंधित होने के बावजूद उत्तराखंड में विवाह के बाद बेसिक शिक्षक पद के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी को उत्तराखंड के आरक्षित वर्ग का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी अभ्यर्थियों को भर्ती में सामान्य श्रेणी में माना जाएगा। इसका मतलब है कि महिला की दूसरे राज्य में आरक्षित वर्ग की स्थिति होने से उसे उत्तराखंड में उसी आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

2906 पदों की भर्ती के बाद सामने आया था मामला

यह मामला वर्ष 2024 में बेसिक शिक्षकों के 2906 पदों पर निकली भर्ती के बाद सामने आया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों से D.El.Ed करने वाली और उत्तराखंड में विवाह करने वाली अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू की गई थी। बताया गया कि करीब 95 विवाहित महिलाओं समेत 152 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच की गई। जांच के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें विवाहित महिला अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षक पद के लिए आवेदन करते समय अपने पूर्व राज्य में प्राप्त आरक्षण का दावा किया था।

निवास प्रमाण पत्र को लेकर उठे थे सवाल

विभागीय स्तर पर यह तर्क दिया गया था कि संबंधित अभ्यर्थियों के मूल निवास प्रमाण पत्र दूसरे राज्यों के हैं और विवाह के बाद उन्होंने उत्तराखंड में निवास प्रमाण पत्र बनवाया है। वहीं, महिला अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि उनका विवाह उत्तराखंड में हुआ है और उन्होंने विवाह से पहले ही मान्यता प्राप्त संस्थानों से D.El.Ed की पढ़ाई पूरी कर ली थी। ऐसे में केवल विवाह और दूसरे राज्य से D.El.Ed करने के आधार पर उन्हें नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

नियमों में स्पष्ट प्रावधान

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक केएस रावत के अनुसार, नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि दूसरे राज्यों के मान्यता प्राप्त संस्थानों से D.El.Ed करने के बाद उत्तराखंड में विवाह करने वाली महिला अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी में बेसिक शिक्षक पद के लिए दावेदारी कर सकती है। इससे ऐसी महिला अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर चल रही स्थिति स्पष्ट हो गई है। हालांकि, उन्हें उत्तराखंड में लागू आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

अभ्यर्थियों के लिए क्या समझना जरूरी है?

दूसरे राज्य से D.El.Ed करने वाली और उत्तराखंड में विवाह करने वाली महिला अभ्यर्थियों के लिए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
मान्यता प्राप्त संस्थान से किया गया दो वर्षीय D.El.Ed होना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश या अन्य राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से D.El.Ed होने पर पात्रता हो सकती है।
उत्तराखंड में विवाह होने के बाद बेसिक शिक्षक पद के लिए दावेदारी की जा सकती है।
दूसरे राज्य में मिले आरक्षण का लाभ उत्तराखंड में नहीं मिलेगा।
ऐसी अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।
D.El.Ed प्रमाण पत्र संबंधित राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान का होना आवश्यक है।