उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Weather Update 15 September 2026

Weather Update: उत्तराखंड में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट, इन 11 जिलों में चेतावनी जारी

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में 15 सितंबर को मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग ने 11 जिलों में बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है।

Uttarakhand Weather Today: Uttarakhand Weather Update 15 September 2026
Image: Uttarakhand Weather Update 15 September 2026 (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। 15 सितंबर को भी प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पर्वतीय जिलों और हरिद्वार में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज से अति तेज दौर की संभावना है।

Uttarakhand Weather Update 15 September 2026

मौसम विभाग के अनुसार आज 15 सितम्बर को उत्तराखंड के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के चेतावनी के दायरे में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और हरिद्वार शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पिथौरागढ़ में बारिश से सड़कें प्रभावित

पिथौरागढ़ जिले में बारिश का असर सड़क यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। आगे पढ़िए..

ये भी पढ़ें:

रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 15 सड़कें बंद हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग भी प्रभावित है। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट बैंड के पास पत्थर गिरने से यातायात बाधित होने की जानकारी सामने आई है।

पंचाचूली में हुई बर्फबारी

बारिश के बीच पिथौरागढ़ के पंचाचूली क्षेत्र में बर्फबारी भी हुई है। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम और ठंडा हो गया है। वहीं कुमाऊं के कई क्षेत्रों में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई है।

अगले कुछ दिन भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और बौछारों का दौर बना रह सकता है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में 16 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना जताई गई है। बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना भी जरूरी है।