देहरादून: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में H1N1 संक्रमित मरीजों की संख्या 31 से बढ़कर 49 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 1 अगस्त से अब तक सामने आए मामलों में अकेले देहरादून में 34 मरीज मिले हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग तेज कर दी गई है।
Swine Flu Cases Rise to 49 in Uttarakhand, 5 Dead
प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित पांच मरीजों की मौत दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ये सभी मरीज अन्य बीमारियों से भी जूझ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों को को-मॉर्बिड श्रेणी में रखता है, यानी जिन लोगों को पहले से कोई अन्य बीमारी है। ऐसे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
को-मॉर्बिड मरीजों पर विशेष निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले से शुगर, रक्तचाप, श्वसन संबंधी बीमारी या हृदय रोग से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे H1N1 संक्रमण का खतरा और गंभीरता बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिन पांच संक्रमित मरीजों की मौत हुई, वे भी को-मॉर्बिड स्थिति में थे।
सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज के अनुसार, जिन क्षेत्रों में H1N1 के मरीज सामने आ रहे हैं, वहां स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सभी जिलों में माइक्रो लेवल पर काम कर रही हैं। इन टीमों में फिजिशियन, एक विशेषज्ञ समेत चार स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। आगे पढ़िए..
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मरीजों की 10 से 15 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही
स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की पिछले 10 से 15 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री भी जांच रहा है। इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की भी इंफ्लुएंजा H1N1 की जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की चेन को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
Dehradun में सबसे ज्यादा मामले
उत्तराखंड में सामने आए कुल 49 मामलों में 34 मरीज देहरादून के हैं। मामलों की संख्या अधिक होने के कारण दून में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग कर रही हैं।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
एम्स ऋषिकेश के इंटरनल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार के अनुसार, H1N1 के लक्षणों को गंभीरता से लेना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बहना, सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। खासकर जो लोग पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके लिए संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, इंफ्लुएंजा H1N1 वायरस से निपटने के लिए अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग ने कहा है कि संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को सभी स्तरों पर तैयार रखा गया है।