देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। पहाड़ से मैदान तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। नरेंद्रनगर में 260 मिमी और ऋषिकेश में 225 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
Uttarakhand Weather Update 19 August 2026
उत्तराखंड में सोमवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार सुबह तक लगातार जारी रहा। कई इलाकों में 12 से 14 घंटे तक लगातार बारिश होने से सड़कें जलमग्न हो गईं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गईं। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नरेंद्रनगर में रातभर में 260 मिमी और ऋषिकेश में 225 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं देहरादून के कई इलाकों में करीब 130 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
कुमाऊं में भी भारी बारिश से बढ़ी मुश्किलें
कुमाऊं मंडल के कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। यहां कुछ स्थानों पर 70 से 100 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन हुआ, जिससे कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए। वहीं निचले इलाकों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। आगे पढ़िए..
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देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दोनों जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अत्यंत तीव्र वर्षा और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा पौड़ी, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज से अति तेज बारिश के दौर आने की संभावना है।
तापमान में भी आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों को मौसम की स्थिति और सड़क मार्ग की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। नदी-नालों और बरसाती गदेरों के आसपास जाने से भी बचना चाहिए।