देहरादून: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में भी आजादी का पर्व पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया।
Independence Day 2026: CM Dhami big announcements youth commission
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलिदानियों को नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने खासतौर पर उत्तराखंड की युवा शक्ति और प्रदेश के भविष्य को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
उत्तराखंड में पहली बार बनेगा युवा आयोग
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में पहली बार युवा आयोग स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य युवाओं को नीति निर्माण में प्रभावी भागीदारी देना और उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं तथा सुझावों को सरकार तक पहुंचाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति को सही दिशा देकर प्रदेश के विकास में भागीदार बनाया जाएगा।
11वीं और 12वीं के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू करने का ऐलान किया। इस योजना के तहत कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर और समान अवसर उपलब्ध कराना है। आगे पढ़िए..
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युवाओं को नौकरी देने वाला बनाने पर जोर
18 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए भी नई योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके तहत बड़े संस्थानों के साथ मिलकर युवाओं के कौशल विकास पर काम किया जाएगा। वहीं, अपना उद्यम शुरू करने वाले युवाओं को बैंक से मिलने वाले ऋण में से 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। सरकार का फोकस युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाला बनाने पर है।
8 शहरों में बनेंगी 23 खेल अकादमियां
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य में पहली बार स्पोर्ट्स प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत उत्तराखंड के आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है। सरकार का कहना है कि इन अकादमियों के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
सीमांत क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं और पूर्व सैनिकों को भी अपनी घोषणाओं में शामिल किया। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले अग्निवीरों, सेवानिवृत्त जवानों और युवाओं को अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की गई। इसके अलावा चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
शहीद परिवारों को अब 50 लाख रुपये तक अनुग्रह राशि
स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने सैनिक परिवारों के लिए भी बड़ी घोषणाएं कीं। सीमा पर बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने का फैसला लिया गया है। बलिदान देने वाले शहीद के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की गई है।
पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों को जमीन खरीद में राहत
पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए जमीन खरीद पर भी राहत का ऐलान किया गया है। 25 लाख रुपये तक की जमीन की खरीद पर 25 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला सैनिक परिवारों को आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे पढ़िए..
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गढ़वाल और कुमाऊं में बनेंगे स्पिरिचुअल जोन
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक स्पिरिचुअल जोन विकसित करने की घोषणा की। इसके जरिए धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है। इसके अलावा वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के विनियमितीकरण की समय सीमा बढ़ाकर भूमिधर अधिकार देने की घोषणा भी की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बढ़ेगा राज्यांश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी बड़ी घोषणा की। योजना में राज्यांश को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का ऐलान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
युवाओं से लेकर सैनिक परिवारों तक पर फोकस
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी की घोषणाओं में युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से लेकर खेल, सीमांत क्षेत्रों और सैनिक परिवारों तक को प्राथमिकता दी गई। अब इन घोषणाओं को धरातल पर लागू करना सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौती होगी। खासतौर पर युवा आयोग, ऑनलाइन कोचिंग, खेल अकादमियों और शहीद परिवारों के लिए बढ़ाई गई सहायता से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रदेश की नजर रहेगी।