चमोली: जनपद चमोली के पीपलकोटी में हुए दर्दनाक टनल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। शनिवार को रेस्क्यू टीमों ने टनल के भीतर से एक और शव बरामद किया। शव को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद टनल के भीतर फंसे दो लोगों को अब भी तलाशा जा रहा है। बचाव दल लगातार उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
Pipalkoti THDC Tunnel Accident 8 Dead Two Missing Rescue Operation
चमोली के अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि टनल के अंदर काफी मात्रा में पानी भर गया था। पंपों की मदद से पानी का स्तर कुछ कम किया गया है, जिसके बाद रेस्क्यू टीमों को अंदर पहुंचने और तलाशी अभियान आगे बढ़ाने में मदद मिली।हालांकि, टनल में पानी का स्तर दोबारा बढ़ने और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। रेस्क्यू टीमें बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रही हैं।
NDRF, SDRF, सेना और अन्य एजेंसियां जुटीं
बचाव अभियान में कई विशेषज्ञ एजेंसियों को लगाया गया है। NDRF, SDRF, DDRF, सेना, ITBP और अन्य सुरक्षा एवं राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें हादसे के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंची थीं। इसके बाद SDRF, DDRF और NDRF की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। THDC और HCC के कर्मचारी भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग कर रहे हैं।
पंप लगाकर टनल से निकाला जा रहा पानी
टनल के भीतर पानी भरने के कारण बचाव कार्य काफी धीमा हो गया था। इसके बाद NTPC और THDC से पंप मंगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पंपिंग के बाद टनल में पानी का स्तर काफी कम हुआ और इसी दौरान एक और शव बरामद किया जा सका। अब टीमों का पूरा ध्यान टनल में फंसे दो अन्य लोगों तक पहुंचने पर है। आगे पढ़िए..
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कैसे हुआ पीपलकोटी टनल हादसा?
यह हादसा गुरुवार शाम चमोली के मायापुर, पीपलकोटी स्थित THDC के विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, बिरही नदी के पास भूस्खलन जैसी घटना के बाद अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव टनल में घुस गया। अचानक पानी और मलबा आने से टनल के अंदर काम कर रहे 22 कर्मचारी फंस गए थे। बाद में कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ की मौत हो गई और अन्य लापता हो गए।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा हर हाल में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
दो लापता लोगों की तलाश जारी
रेस्क्यू टीमों की सबसे बड़ी चुनौती अब टनल के भीतर फंसे दो लोगों को ढूंढकर सुरक्षित बाहर निकालना है। पानी और जमा हुआ मलबा तलाशी अभियान में बाधा डाल रहा है। अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं और पानी निकालने के साथ-साथ टनल के अंदर सुरक्षित रास्ता बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि दोनों लापता लोगों तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।
हादसे ने फिर उठाए निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा पर सवाल
पीपलकोटी टनल हादसे ने उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मजिस्ट्रियल जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पानी और मलबे का अचानक टनल में प्रवेश किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी।