उत्तराखंड उधमसिंह नगरUttarakhand Court Employee Arrested While Taking 3 500 Bribe

उत्तराखंड: 3,500 रुपये में बिक गया कोर्ट कर्मचारी का ईमान, विजिलेंस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

बाजपुर सिविल न्यायालय में विजिलेंस टीम ने दीवानी नाजिर शाखा के एक कर्मचारी को 3,500 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पर चेक बाउंस मामले में प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले की जांच जारी है।

Vigilance Raid Uttarakhand: Uttarakhand Court Employee Arrested While Taking  3 500 Bribe
Image: Uttarakhand Court Employee Arrested While Taking 3 500 Bribe (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर सिविल न्यायालय में विजिलेंस टीम ने दीवानी नाजिर शाखा के एक कर्मचारी को 3,500 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कर्मचारी पर चेक बाउंस मामले में प्रक्रिया पूरी कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

Uttarakhand Court Employee Arrested While Taking ₹3,500 Bribe

जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-2, बाजपुर निवासी शाहिद ने विजिलेंस विभाग से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चेक बाउंस के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच पहले ही समझौता हो चुका था। इसके बावजूद केस समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर न्यायालय में तैनात कर्मचारी ओम बाबू ने कथित रूप से 3,500 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपों का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और आरोपी कर्मचारी को कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। आगे पढ़िए..

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कार्रवाई के दौरान न्यायालय परिसर में हुआ हंगामा

विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद कुछ अधिवक्ताओं ने टीम से कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर न्यायालय परिसर में सामान्य व्यवस्था बहाल कराई।

आधिकारिक बयान का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक विजिलेंस विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई थी। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।