देहरादून: 21 जून को होने वाली NEET (UG) परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडीएम कृष्ण कुमार मिश्रा ने जिले में BNSS की धारा 163 लागू की है। वहीं एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस लाइन में परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों की ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
Dehradun Police Tightens Security for NEET UG 2026 Exam
ब्रीफिंग के दौरान एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी और एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि कंट्रोल रूम, जैमर और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनकी कार्यक्षमता की जांच समय से पूरी की जाए, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। दून पुलिस ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दिन निर्धारित समय से कम से कम चार घंटे पहले परीक्षा केंद्रों का सुरक्षा निरीक्षण किया जाए। परीक्षा केंद्रों की चहारदीवारी, प्रवेश द्वार, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर सुरक्षा संबंधी कोई कमी पाई जाती है तो उसकी तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित संस्थान प्रबंधन को दी जाएगी।
अभ्यर्थियों की होगी सघन जांच
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक परीक्षार्थी को गहन जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के भीतर अभ्यर्थियों और अधिकृत कर्मचारियों के अलावा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आगे पढ़िए..
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सुरक्षा एजेंसियां परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर नज़र रखेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी के लिए मोबाइल पुलिस पार्टियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस द्वारा परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। अनावश्यक रूप से घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
होटल, गेस्ट हाउस और ढाबों की होगी जांच
परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और ढाबों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थानों पर ठहरे लोगों का सत्यापन किया जाएगा और यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में ठहरा पाया जाता है तो उससे पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की नकल, फर्जीवाड़ा या अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहेंगी। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।