उत्तराखंड रुद्रपुरJasmeet Kaur tops Uttarakhand in UKPSC PCS exam

Uttarakhand PCS: रुद्रपुर की जसमीत कौर ने रचा इतिहास, पीसीएस परीक्षा में हासिल किया प्रदेश में पहला स्थान

UKPSC PCS Topper: रुद्रपुर की जसमीत कौर दूसरे प्रयास में उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा की प्रदेश टॉपर बनीं। उन्होंने सफलता का श्रेय मेहनत, लगन और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को दिया।

UKPSC PCS Topper: Jasmeet Kaur tops Uttarakhand in UKPSC PCS exam
Image: Jasmeet Kaur tops Uttarakhand in UKPSC PCS exam (Source: Social Media)

रुद्रपुर: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की प्रतिष्ठित पीसीएस परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर रुद्रपुर की जसमीत कौर ने सफलता की नई मिसाल कायम की है। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और परीक्षा प्रणाली में भरोसे को दिया है। जसमीत का कहना है कि यदि कोई अभ्यर्थी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ तैयारी करे तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।

Jasmeet Kaur tops Uttarakhand in PCS exam

रुद्रपुर के वसुंधरा पाम हाउस क्षेत्र की निवासी जसमीत कौर ने पीसीएस परीक्षा में दूसरे प्रयास में प्रदेश टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। वर्तमान में वह बागेश्वर जिले में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जसमीत ने बताया कि अपने पहले प्रयास में उन्होंने 52वीं रैंक प्राप्त की थी, जिसके बाद उनकी नियुक्ति बागेश्वर में हुई। हालांकि उन्होंने अपने लक्ष्य को यहीं नहीं रोका और लगातार मेहनत जारी रखते हुए दूसरे प्रयास में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर लिया।

परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष, मेहनत का मिलता है फल

अपनी सफलता के बाद जसमीत कौर ने परीक्षा प्रणाली को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू नकल विरोधी कानून ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत किया है। जसमीत का मानना है कि वर्तमान परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि जो भी उम्मीदवार प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों या नकारात्मक बातों पर ध्यान देने के बजाय अपनी तैयारी पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप पूरी ईमानदारी और लगन के साथ मेहनत करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी।”

परिवार का मिला पूरा सहयोग

जसमीत कौर के पिता जसवंत सिंह एक व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां मनप्रीत कौर गृहिणी हैं। जसमीत ने अपनी सफलता में परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार का विश्वास और समर्थन उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। यही कारण है कि उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा और अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहीं।

33 प्रतिशत आरक्षण नीति को बताया मददगार

जसमीत कौर ने राज्य सरकार की महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की नीतियां महिलाओं को आगे बढ़ने और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखना चाहिए।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं जसमीत

पीसीएस परीक्षा में प्रदेश टॉपर बनने के बाद जसमीत कौर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश की सेवा करने के जुनून के साथ आना चाहिए। उनका मानना है कि जुनून, मेहनत, अनुशासन और धैर्य किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी कुंजी हैं।

घर पहुंचकर दी बधाई

जसमीत कौर की सफलता के बाद उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा भी उनके घर पहुंचे और इस उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। मेयर ने कहा कि जसमीत कौर ने न केवल रुद्रपुर बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है।

संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल

जसमीत कौर की कहानी यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का सपना देखते हैं।

परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष, मेहनत का मिलता है फल