अल्मोड़ा: पहाड़ की Kavita Chand ने उत्तराखंड और पूरे देश का नाम रोशन करते हुए उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी Denali (6190 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर नया इतिहास रच दिया है।
Uttarakhand Mountaineer Kavita Chand Conquers Denali Peak
अल्मोड़ा में जन्मीं कविता चंद की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने महज दो वर्ष पहले अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने का फैसला किया था।
डेनाली पर सफलता के साथ कविता चंद अब अपने महत्वाकांक्षी "7 समिट्स मिशन" के और करीब पहुंच गई हैं। इस मिशन के तहत दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई करने का लक्ष्य रखा जाता है, जिसे पर्वतारोहण जगत की सबसे प्रतिष्ठित उपलब्धियों में गिना जाता है।
दुनिया की सबसे कठिन चोटियों में शामिल है डेनाली
Denali को पर्वतारोहण की दुनिया में सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। अत्यधिक प्रतिकूल मौसम, बर्फीले ग्लेशियर, खड़ी चढ़ाई और पूरी तरह स्व-निर्भर अभियान इसकी सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। पर्वतारोहियों को 80 से 125 पाउंड तक का सामान स्वयं ढोकर कठिन बर्फीले रास्तों से गुजरना पड़ता है।
खराब मौसम के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला
कविता चंद का अभियान 19 मई को शुरू हुआ था। शुरुआती दो दिनों तक खराब मौसम के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने ऊंचाई हासिल की और 5 जून को अंतिम शिखर अभियान शुरू कर सफलता प्राप्त की।
डेनाली विजय बनी चौथी बड़ी उपलब्धि
डेनाली पर जीत कविता चंद के 7 समिट्स मिशन की चौथी बड़ी सफलता है। इससे पहले वह Mount Elbrus (यूरोप), Vinson Massif (अंटार्कटिका) और Aconcagua (दक्षिण अमेरिका) जैसी विश्व प्रसिद्ध चोटियों को फतह कर चुकी हैं। पर्वतारोहण के अलावा कविता चंद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की एंड्योरेंस एथलीट भी हैं। वह प्रतिष्ठित Boston Marathon के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं और New York City Marathon, London Marathon, Berlin Marathon और Boston Marathon जैसी विश्व प्रसिद्ध प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं।
न्यूयॉर्क मैराथन में बनीं सबसे तेज भारतीय महिला
वर्ष 2025 की New York City Marathon में कविता चंद सबसे तेज भारतीय महिला प्रतिभागी रहीं। यह उपलब्धि उनकी खेल प्रतिभा और मजबूत मानसिक क्षमता को दर्शाती है।
महिलाओं और युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
कविता चंद का कहना है कि मातृत्व, खेल और पर्वतारोहण के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन अनुशासन, धैर्य और दृढ़ संकल्प के बल पर हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।