नैनीताल: Uttarakhand High Court में केशव थलवाल मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस थपलियाल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। कोर्ट का रुख बेहद सख्त नजर आया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने कहा कि केशव थलवाल की रिपोर्ट “शार्प एंड इंटेलीजेंट” है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा “क्या अब पुलिस अधिकारी का भी मानसिक परीक्षण कराया जाए?” “ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड क्यों नहीं किया जाए?”
Keshav Thalwal Sharp Intelligent and Dead Against Curroption: Uttarakhand High Court
पूरे मामले की दिशा बदल गई है और उत्तराखंड पुलिस साफतौर पर बैकफुट पर है। जस्टिस थपलियाल की टिप्पणी के अनुसार कोर्ट ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताया है। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट को स्पष्ट और मजबूत बताया है और पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने फिर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।आगे पढ़िए..
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केशव थलवाल मामला अब एक अहम कानूनी और प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है। हाई कोर्ट की सख्ती से यह साफ है कि बिना निष्पक्ष जांच के मामला आगे नहीं बढ़ेगा। यह केस सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता और पुलिस की जवाबदेही जैसे बड़े मुद्दों का आइना है। अब सबकी नजर अगली सुनवाई और कार्रवाई पर टिकी है।