उत्तराखंड देहरादूनDehradun Lawyers Launch Strike Against DM Over Controversial Action

देहरादून में डीएम बनाम वकील, सिविल कोर्ट में भी शुरू हुई हड़ताल; जिलाधिकारी को हटाने की मांग

Dehradun News: देहरादून में वकीलों की हड़ताल ने बड़ा रूप ले लिया। पूर्व बार अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा के खिलाफ DM की कार्रवाई के विरोध में अब सिविल कोर्ट समेत सभी कार्यों का बहिष्कार किया गया। अब दोनों पक्षों के बीच सुलह की भी खबर है

Dehradun lawyers strike: Dehradun Lawyers Launch Strike Against DM Over Controversial Action
Image: Dehradun Lawyers Launch Strike Against DM Over Controversial Action (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून में अधिवक्ताओं की हड़ताल अब और तेज हो गई है। दून बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा के खिलाफ जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में वकील लगातार आंदोलन कर रहे हैं। एक न्यूज पोर्टल की खबर के अनुसार, पहले रेवेन्यू और रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों का बहिष्कार किया गया था, इसके बाद अधिवक्ताओं ने सिविल कोर्ट के कामकाज से भी दूरी बनाई। इसका सीधा असर कोर्ट आने वाले फरियादियों पर पड़ा, जिन्हें बिना काम के ही वापस लौटना पड़ा

Dehradun Lawyers Launch Strike Against DM Over Controversial Action

हालांकि अब खबर ये भी है कि वकीलों की जिलाधिकारी से सुलह हो गई है और उन्होंने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है। दरअसल, यह पूरा मामला पूर्व बार अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा के खिलाफ जिलाधिकारी की कार्रवाई से जुड़ा है। 25 मार्च को कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में “मैसेज दून वैली बनाम सरकार” मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने अदालत की कार्यवाही पर कुछ टिप्पणियां की थीं। जिलाधिकारी ने इसे न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल और पेशेवर आचरण का गंभीर उल्लंघन मानते हुए इसे प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की श्रेणी में रखा और मामले को अनुशासन समिति को भेजा। साथ ही जांच के दौरान उनके प्रैक्टिस अधिकारों के निलंबन पर भी विचार करने का अनुरोध किया गया।

बार एसोसिएशन का विरोध और मांगें

देहरादून बार एसोसिएशन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। एसोसिएशन का कहना था कि जिलाधिकारी के अधीन आने वाले राजस्व न्यायालयों और तहसीलों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। दाखिल-खारिज और विरासत से जुड़े कई मामले महीनों से लंबित हैं और सुनवाई के लिए कोई निश्चित समय तय नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इन समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। आगे पढ़िए

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वकीलों का क्या कहना था?

बार एसोसिएशन ने बैठक कर यह निर्णय लिया था कि जब तक मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बातचीत नहीं होती, तब तक जिलाधिकारी न्यायालय का पूर्ण बहिष्कार जारी रहेगा। इससे पहले 4 अप्रैल को भी बैठक में यह तय किया गया था कि जिलाधिकारी के स्थानांतरण तक बहिष्कार जारी रहेगा और 7 अप्रैल तक राजस्व न्यायालयों व रजिस्ट्रार कार्यालयों का कामकाज ठप रहेगा। बाद में दोबारा हुई बैठक में हड़ताल को और आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। हालांकि अब खबर है कि दोनों पक्षों में सुलह हो गई है

बार एसोसिएशन अध्यक्ष का बयान

देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने कहा कि प्रेमचंद शर्मा सात बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और बार चैंबर समिति के भी अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी वरिष्ठ अधिवक्ता की ओर से कोई टिप्पणी की गई थी, तो जिलाधिकारी को पहले इसकी सूचना बार एसोसिएशन को देनी चाहिए थी।
इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। सिविल कोर्ट, रेवेन्यू और रजिस्ट्री से जुड़े सभी काम ठप पड़े हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग दूर-दराज से कोर्ट पहुंचे, लेकिन काम न होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।