पौड़ी गढ़वाल: IAS अधिकारी दीपक रावत अपने ननिहाल मंगला कोटी गांव पहुंचे। उन्होंने अपने बचपन की यादों, पहाड़ी सादगी और जीवन के मूल्यों को लेकर भावुक अनुभव साझा किया।
IAS Deepak Rawat Visits Ancestral Maternal Village
IAS Deepak Rawat हाल ही में अपने ननिहाल Mangla Koti पहुंचे। इस जगह उनकी माँ के बचपन की यादें बसी हैं। भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में आईएएस दीपक रावत ने कहा कि गांव का वह छोटा सा घर आज भी अपनी सादगी में वैसा ही खड़ा है.. मिट्टी की दीवारें, लकड़ी की पटालें और पहाड़ों की शांत ऊर्जा.. यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं, जो आधुनिक जीवन की भागदौड़ से बिल्कुल अलग है।आगे पढ़िए...
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पहाड़ी जीवन में है असली समृद्धि
दीपक रावत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस कमरे में बैठते ही महसूस हुआ कि जीवन की असली समृद्धि सुविधाओं में नहीं, बल्कि स्मृतियों, संस्कारों और अपनों के प्रेम में होती है। यहीं से पीढ़ियों ने जीवन के मूल्य सीखे, संघर्ष किया। शहरों की भागदौड़ के बीच ऐसे स्थान हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और याद दिलाते हैं कि हम चाहे जहाँ पहुँच जाएँ, हमारी पहचान इन पहाड़ों और इन घरों से ही बनी है। इस यात्रा ने उन्हें मानसिक शांति और आत्मीयता का अनुभव कराया। IAS दीपक रावत की यह ननिहाल यात्रा सिर्फ एक निजी अनुभव नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, सादगी और मूल्यों को दर्शाने वाली प्रेरणादायक कहानी बन गई है।