उत्तरकाशी: पत्रकार स्वर्गीय राजीव प्रताप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। अब विश्व मानवाधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
Human Rights Commission Seeks CBI Probe in Reporter Rajeev Pratap's Death
आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि मानवाधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय है। आयोग ने निष्पक्ष जांच के लिए CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की है।
सरकार पर बढ़ा दबाव
इस मांग के बाद राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। विपक्ष और पत्रकार संगठनों ने भी मामले की पारदर्शी जांच की मांग तेज कर दी है। माना जा रहा है कि यदि जांच सीबीआई को सौंपी जाती है तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पत्रकार सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है। यदि निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।