उत्तराखंड रामनगरUK Board Math Exam Row Over Errors and Out-of-Syllabus Questions

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा: गणित के पेपर में त्रुटियों और सिलेबस से बाहर सवालों पर उठा बवाल, बोनस अंक की मांग

उत्तराखंड बोर्ड की गणित परीक्षा में सिलेबस से बाहर प्रश्न और प्रिंटिंग त्रुटियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ ने बोर्ड सचिव से मिलकर छात्रों को बोनस अंक देने की मांग की है। बोर्ड प्रशासन ने मामले की विशेषज्ञों से जांच कराने और छात्

Uttarakhand Board Exam: UK Board Math Exam Row Over Errors and Out-of-Syllabus Questions
Image: UK Board Math Exam Row Over Errors and Out-of-Syllabus Questions (Source: Social Media)

रामनगर: उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की गणित परीक्षाओं के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा के प्रश्नपत्र में त्रुटियां और सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने के आरोपों के बाद राजकीय शिक्षक संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षक संगठन का कहना है कि इन गलतियों की वजह से छात्रों को परीक्षा के दौरान भारी असमंजस का सामना करना पड़ा, जिससे उनके प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

UK Board Math Exam Row Over Errors and Out-of-Syllabus Questions

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव वीपी सिमल्टी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गणित प्रश्नपत्र की त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाते हुए छात्रों के हित में तुरंत निर्णय लेने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो कई छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो सकता है।

हाईस्कूल गणित प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर प्रश्न

शिक्षक संगठन के अनुसार हाईस्कूल गणित प्रश्नपत्र संकेतांक 231 (HRG) के प्रश्न संख्या 22 में समतल आकृतियों के संयोजन के क्षेत्रफल से संबंधित प्रश्न पूछा गया था। यह प्रश्न प्रश्नावली 12.3 पर आधारित था, जिसे सत्र 2023-24 से परिषद द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम से हटा दिया गया था। ऐसे में छात्रों के लिए यह प्रश्न सिलेबस से बाहर का था। संगठन का तर्क है कि जिन छात्रों ने संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी की थी, वे इस प्रश्न को हल करने में असहज रहे।

इंटरमीडिएट गणित पेपर में विकल्प और प्रिंटिंग त्रुटि

इंटरमीडिएट गणित प्रश्नपत्र संकेतांक 428 (IRS) में भी गंभीर त्रुटियों की शिकायत की गई है। शिक्षक संघ के मुताबिक प्रश्न संख्या 1 (ञ) में सही उत्तर विकल्पों में दिया ही नहीं गया था। जहां उत्तर “A गलत और R सही” होना चाहिए था, वह विकल्प उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा प्रश्न संख्या 14 में भी प्रिंटिंग त्रुटि बताई गई। संगठन का कहना है कि प्रश्न में C को 3×3 का आव्यूह (मैट्रिक्स) दर्शाया जाना चाहिए था, तभी प्रश्न तार्किक रूप से सही बनता। इस गलती के कारण विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति बनी रही।

बोनस अंक देने की उठी मांग

शिक्षक संगठन ने मांग की है कि दोनों प्रश्नपत्रों की विषय विशेषज्ञों से निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि त्रुटियां प्रमाणित होती हैं तो सभी परीक्षार्थियों को समान रूप से बोनस अंक दिए जाएं। संगठन का कहना है कि छात्र किसी भी गलती के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, इसलिए उन्हें नुकसान नहीं उठाना चाहिए। समान रूप से बोनस अंक दिए जाने से निष्पक्षता बनी रहेगी और किसी छात्र के परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बोर्ड सचिव ने दिया आश्वासन

बोर्ड सचिव वीपी सिमल्टी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संबंधित प्रश्नपत्रों की विशेषज्ञों से विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में त्रुटि सिद्ध होती है तो छात्र हित में उचित निर्णय लिया जाएगा। अब सभी की नजरें बोर्ड के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जिससे हजारों छात्रों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय के प्रश्नपत्र में त्रुटियां सामने आना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। यह विवाद न केवल परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि छात्रों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद बोर्ड क्या निर्णय लेता है और क्या छात्रों को बोनस अंक मिलते हैं या नहीं।