उत्तराखंड देहरादूनElectricity may become expensive in Uttarakhand

उत्तराखंड: आने वाले दिनों में महंगी हो सकती है बिजली, उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ेगा भार

नए प्रस्ताव के अनुसार, उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं पर यूनिट के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।

Electricity in Uttarakhand: Electricity may become expensive in Uttarakhand
Image: Electricity may become expensive in Uttarakhand (Source: Social Media)

देहरादून: त्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली के बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार, अगले दो वर्षों तक बिजली पर 25 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भार लगाया जा सकता है।

Electricity may become expensive in Uttarakhand

उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) केंद्रीय विद्युत अपीलीय प्राधिकरण में दायर तीन मामलों में 783 करोड़ रुपये के दावों में हार गया है। आयोग ने यूपीसीएल को यह राशि 11 किस्तों में निजी कंपनियों को चुकाने का आदेश दिया है। इस नुकसान की भरपाई अब उपभोक्ताओं से की जाएगी, जिसे बिजली टैरिफ में शामिल करने की तैयारी है।

ये होंगे बिजली के नए रेट

नए प्रस्ताव के अनुसार उपभोक्ताओं पर यूनिट के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। अगर कोई उपभोक्ता 100 यूनिट तक बिजली उपयोग करता है, तो उसे 25 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। 200 यूनिट तक खपत करने वालों पर 50 रुपये का भार पड़ेगा। इसी प्रकार 300 यूनिट तक 75 रुपये, 400 यूनिट तक 100 रुपये और 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों के बिल में 125 रुपये तक की वृद्धि की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि हर यूनिट की दर बढ़ने से पड़ेगा और बिजली के बिल पहले से ज्यादा महंगे हो जाएंगे।

हर माह बिल जमा करना अनिवार्य

उपभोक्ताओं ने विद्युत नियामक आयोग से मांग की है कि इन मामलों का भार जनता पर न डाला जाए। पहले से ही हर साल बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है और अब हर माह बिल जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसका विरोध किया जा रहा है। UPCL के अनुसार उत्तराखंड में 29 लाख (2.9 मिलियन) बिजली उपभोक्ता हैं, जिन पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आने वाले समय में बिजली का बजट आम जनता के लिए और भारी हो सकता है। उपभोक्ताओं में इसे लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि इन सभी प्रकरण में जनता से अतिरिक्त वसूली न की जाए।