देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब महिला समूहों को 20 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा। यह योजना "लखपति दीदी योजना" की तर्ज पर है।
Women will get interest free loan up to Rs 20 lakh
उत्तराखंड सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना के तहत महिला समूहों को यह ऋण विशेष रूप से फूलों की खेती, बागवानी और छोटे उद्योगों के लिए दिया जाएगा, ताकि महिलाएं अपने व्यवसाय को विस्तार देकर आय दोगुनी कर सकें। लखपति दीदी योजना ने अब तक महिलाओं को कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। इसी मॉडल पर अब बेहतर काम करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 से 20 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। व्यक्तिगत महिला लाभार्थियों को भी पांच से 10 लाख रुपये तक का ऋण देने का प्रावधान रहेगा।
जल्द कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में महिला समूहों को 20 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा। इसका योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिला समूहों को मज़बूत कर उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों की प्रबंधन समितियों और सभापतियों के पदों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने सहकारिता क्षेत्र में यह ऐतिहासिक पहल की है। प्रदेश में 50 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इनके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। घसियारी योजना के तहत राज्य की 60 हजार महिलाओं को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर साइलेज उपलब्ध कराया जा रहा है।
ब्याजमुक्त ऋण की राशि चार गुना बढ़ी
अपर निबंधक सहकारिता डॉ. आनंद शुक्ला ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में महिलाओं को अब तक एक से पांच लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। व्यक्तिगत महिला लाभार्थियों को एक से तीन लाख रुपये तक का ऋण मिल रहा है। मशरूम उत्पादन, पशुपालन और मधुमक्खी पालन जैसे कार्यों के लिए अब तक 10 हजार महिलाओं को ऋण दिया जा चुका है। अब तक लगभग छह हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया गया है। अब सरकार का उद्देश्य है कि समय पर ऋण चुकाने वाले और बेहतर प्रदर्शन करने वाले समूहों को 10 से 20 लाख रुपये तक का लाभ दिया जाए।