उत्तराखंड देहरादून232 crore scam in Dehradun

देहरादून में 232 करोड़ का घोटाला, हिरासत में वरिष्ठ वित्त प्रबंधक.. CBI ने दर्ज किया मुकदमा

18 अगस्त को वर्तमान वरिष्ठ प्रबंधक चंद्रकांत पी ने सीबीआई को शिकायत पत्र दिया था। इस जांच समिति ने पाया कि ये अनियमितताएं राहुल विजय की तैनाती के दौरान हुईं.. अब सीबीआई ने राहुल विजय को हिरासत में लिया है...

232 crore scam: 232 crore scam in Dehradun
Image: 232 crore scam in Dehradun (Source: Social Media)

देहरादून: राजधानी देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर तैनात रहे वरिष्ठ वित्त प्रबंधक राहुल विजय पर 232 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। सीबीआई द्वारा उनसे इस मामले में पूछताछ की जा रही है।

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जानकारी के अनुसार, बीते 18 अगस्त को वरिष्ठ प्रबंधक चंद्रकांत पी ने सीबीआई को शिकायत पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि 2019-20 से 2022-23 तक के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित की गई। इस जांच समिति ने पाया कि ये अनियमितताएं राहुल विजय की तैनाती के दौरान हुईं। फरवरी 2019 से अगस्त 2022 तक उन्होंने AAI देहरादून के SBI खाते से 232 करोड़ रुपये अपने खातों में स्थानांतरित किए। शुरुआत में छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर की गई ताकि किसी को संदेह न हो।

नकली वर्क आर्डर पर घोटाला

जांच में सामने आया कि जिन कार्यों के असली वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे, उनकी राशि संबंधित ठेकेदारों के खातों में भेजी गई। लेकिन जिन कार्यों के वर्क ऑर्डर नकली थे, उनकी रकम सीधे राहुल विजय के खातों में भेजी गई थी। इसके लिए उन्होंने SBI खाते की तीन अलग-अलग यूजर आईडी बनाई थीं। 29 सितंबर 2021 को उन्होंने 67.81 करोड़ रुपये के फर्जी कार्य आदेश बनाए, अगले ही दिन 189 करोड़ रुपये की 17 अतिरिक्त फर्जी परिसंपत्तियां बनाई गईं, जिनमें बिजली संबंधी कार्य भी शामिल थे। ये संपत्तियां वास्तव में एयरपोर्ट पर मौजूद ही नहीं थीं। एयरपोर्ट पर असल में 13 संपत्तियां थीं, लेकिन रिकॉर्ड में इसे 130 दिखा दिया। इसी तरह राहुल विजय ने 43 करोड़ रुपये की गलत एंट्री दिखाकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर की थी।

वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में खुला मामला

दरअसल, जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर तैनात रहे वरिष्ठ वित्त प्रबंधक राहुल विजय को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के वित्तीय लेन-देन का अधिकार प्राप्त था। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यों के लिए फर्जी वर्क ऑर्डर बनाकर भारी-भरकम रकम अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर ली। वर्तमान में राहुल विजय जयपुर एयरपोर्ट पर उसी पद पर तैनात हैं, लेकिन उनकी धोखाधड़ी की परतें देहरादून एयरपोर्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में खुलीं। सीबीआई ने राहुल विजय के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उन्हें गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है। एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि इस पूरे घोटाले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।