उत्तराखंड देहरादून97 Lakh Ayushman Cards Targeted in Uttarakhand by March 2025

उत्तराखंड में 31 मार्च तक बनेंगे 97 लाख आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य मंत्री के कड़े निर्देश

आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए उत्तराखंड में 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

Ayushman Cards: 97 Lakh Ayushman Cards Targeted in Uttarakhand by March 2025
Image: 97 Lakh Ayushman Cards Targeted in Uttarakhand by March 2025 (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में सभी नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए जिलेवार कार्य योजना तैयार की जाएगी। इस अभियान में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल किया जाएगा।

97 Lakh Ayushman Cards Targeted in Uttarakhand by March 2025

उत्तराखंड में आयुष्मान कार्ड बनाने को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने धीमी प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों पर सख्ती दिखाई और कहा कि 23.89 लाख परिवारों के 97.11 लाख सदस्यों का कार्ड बनाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। अभी तक 53.61 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड और 4.73 लाख लोगों का गोल्डन कार्ड बन चुका है।

31 मार्च तक चलेगा विशेष अभियान

बैठक में मंत्री रावत ने 31 मार्च 2025 तक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की जिसके तहत 70 साल से अधिक उम्र के वृद्धजनों और वंचित परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अभियान में सीएचओ, एएनएम, आशा और आयुष्मान मित्रों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही सचिव स्वास्थ्य एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन जिलाधिकारियों और सीएमओ के साथ वर्चुअल बैठकों के जरिए अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान

स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत अधिक से अधिक मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोल्डन कार्ड में आ रही दिक्कतों को हल करने, 108 आपातकालीन सेवा में सुधार और सरकारी अस्पतालों में खाली पदों को भरने पर भी जोर दिया। मंत्री ने बताया कि अब तक आयुष्मान योजना के तहत 12.32 लाख लोगों ने लाभ उठाया है, जिस पर 2,289 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना है।