उत्तराखंड श्रीनगर गढ़वालProfessors selected through walk-in-interview in Srinagar Medical College

Uttarakhand: श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में वॉकइन-इंटरव्यू से चुने गए प्रोफेसर, बाकी जगह ऐसे ही भरेंगे पद

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाल राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल तीन नई फैकल्टी नियुक्तियों के माध्यम से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा। इसके साथ ही चिकित्सालय में मरीजों को भी उचित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।

Srinagar Garhwal Medical College: Professors selected through walk-in-interview in Srinagar Medical College
Image: Professors selected through walk-in-interview in Srinagar Medical College (Source: Social Media)

श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड सरकार ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में फेकल्टी की कमी से परेशान छात्रों को राहत प्रदान की है। सरकार ने मेडिकल कॉलेज में तीन और फेकल्टी की नियुक्ति को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

Professors selected through walk-in-interview in Srinagar Medical College

उत्तराखंड सरकार ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल में फैकल्टी की कमी को दूर करने के उद्देश्य से विभिन्न संकायों में तीन नई फैकल्टी नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। इन सभी नियुक्तियों का चयन हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से किया गया है। नियुक्तियां संविदा के आधार पर आगामी तीन वर्षों या फिर नियमित नियुक्ति होने तक के लिए की गई हैं।

तीन नई फैकल्टी नियुक्त

स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में तीन और फेकल्टी की नियुक्ति को सरकार ने मंजूरी दे दी है। सभी मेडिकल कॉलेजों में फेकल्टी पदों को जल्द भरा जाएगा। इसी क्रम में सरकार ने मेडिकल कॉलेज में तीन फैकल्टी नियुक्त करने की मंजूरी दी है, जिसमें नेत्र रोग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर डॉ. दिनेश सिंह, ऑब्स एंड गायनी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. नेहा ककरन और माइक्रोबायोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. अनिल कुमार को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इन नई नियुक्तियों के माध्यम से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा। इसके साथ ही चिकित्सालय में मरीजों को भी उचित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।