उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Transport Department Plans to Retire Old Vehicles by January 2025

Uttarakhand News: 15 साल पुराने वाहन इस महीने से होंगे बंद, उत्तराखंड में परिवहन विभाग की बड़ी तैयारी

उत्तराखंड परिवहन विभाग ने जनवरी 2025 तक 15 साल पुराने सरकारी और व्यावसायिक वाहनों को चलन से बाहर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और सड़कों पर सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

Uttarakhand Transport Department: Uttarakhand Transport Department Plans to Retire Old Vehicles by January 2025
Image: Uttarakhand Transport Department Plans to Retire Old Vehicles by January 2025 (Source: Social Media)

देहरादून: परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों को कबाड़ करने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। यदि लक्ष्य हासिल किया गया तो राज्य सरकार को केंद्र से कुल 50 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी।

Uttarakhand Transport Department Plans to Retire Old Vehicles by January 2025

उत्तराखंड में 15 साल से अधिक पुराने सभी सरकारी और व्यावसायिक वाहन जनवरी 2025 तक चलन से बाहर हो जाएंगे। इस दिशा में परिवहन विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं, और यदि वह सफल होता है, तो केंद्र से 50 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त करेगा। पहले चरण में राज्य को 25 करोड़ रुपये भी मिल चुके हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को 15 साल से पुराने वाहनों को हटाने के निर्देश दिए हैं और उत्तराखंड ने इस पर कार्य शुरू कर दिया है। लगभग 7000 वाहन इस दायरे में आएंगे, जिनमें से परिवहन विभाग ने करीब 4,000 वाहनों को कबाड़ कर दिया है। वाहनों के लिए कबाड़ केंद्र स्थापित तथा व्यावसायिक वाहनों के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें पुरानी गाड़ियों को कबाड़ करने पर कई प्रकार की छूट दी जा रही है।

कबाड़ योजना के तहत केंद्र देगा 50 करोड़ की धनराशि

केंद्र सरकार राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सहायता प्रदान करने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत परिवहन विभाग को दो चरणों में लक्ष्यों को पूरा करना था। पहले चरण में 15 साल से पुराने वाहनों को कबाड़ करने की योजना बनानी थी और वाहन स्वामियों को इसके लिए प्रेरित करना था, जिसे राज्य सरकार सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि भी प्राप्त हो चुकी है। अब दूसरे चरण में विभाग को 31 जनवरी 2025 तक सभी पुराने वाहनों की नीलामी कर उन्हें कबाड़ करना है। इस लक्ष्य की पूर्ति पर विभाग को अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे कुल सहायता 50 करोड़ रुपये होगी। हाल ही में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना की प्रगति पर चर्चा की गई और अधिकारियों ने बताया कि कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।