उत्तराखंड रुद्रप्रयागPilgrims inconvenience in Char Dhams Yatra 2024

उत्तराखंड: चारों धामों में आस्था का सैलाब, प्रशासन के यात्रा सुगम बनाने के वादे फेल

उत्तराखंड सरकार ने सुगम चारधाम यात्रा का दावा किया था। लेकिन चारों धामों से लेकर यात्रा पड़ावों तक जगह-जगह तीर्थयात्री जाम में फंसे रहे हैं। धामों तक पहुंचने के लिए सड़कें कई जगह इतनी मुश्किलों भरी हैं।

Jam problem in Char Dham: Pilgrims inconvenience in Char Dhams Yatra 2024
Image: Pilgrims inconvenience in Char Dhams Yatra 2024 (Source: Social Media)

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में चारधामों की यात्रा मई महीने के दूसरे हफ्ते शुरू हो चुकी है। हर रोज सभी धामों में हजारों संख्या में यात्री दर्शन करने पहुँच रहे हैं। लेकिन यात्रा रूट पर सड़कों की दशा खराब होने के कारण यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर दूर-दूर तक लगातार घंटों जाम लग रहा है।

Pilgrims inconvenience in Char Dhams Yatra 2024

चारधाम यात्रा में लग रहे जाम ने तैयारियों की पोल खोल दी है। यमुनोत्री में पैदल मार्ग पर लग रहे जाम का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। चाहे केदारनाथ यात्रा में कुंड से गुप्तकाशी सड़क हो, गंगोत्री में सुक्की टॉप का इलाका हो या बदरीनाथ में आस्था पथ, यात्रियों की जाम से हालत हलकान है।

कुंड से गुप्तकाशी रोड पर बेहतर हो सकती थी स्थिति

उत्तराखंड सरकार ने सुगम चारधाम यात्रा का दावा किया था। लेकिन चारों धामों से लेकर यात्रा पड़ावों तक जगह-जगह तीर्थयात्री जाम में फंसे रहे हैं। केदारनाथ धाम में कुंड से गुप्तकाशी और कुछ और जगहों पर रोड बनाने के लिए 99 करोड़ की धनराशी के आदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष ही दे दिए गए थे। परन्तु उसके बाद भी पैसा ना होने का कारण बता कर रोड बनाने का काम पूरे साल रोके रखा गया। अभी जब पूरी दुनिया के कोने कोने से श्रद्धालु चारों धामों के दर्शनों के लिए उत्तराखंड में हैं तो कुछ जगहों पर काम में देरी और लापरवाही के चलते प्रदेश का पर्यटन जाम से जूझ रहा है। श्री केदारनाथ धाम, यात्री, यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद दर्शन करते हैं। 14 मई से गंगोत्री से आने वाले और सीधा केदारनाथ जाने वाले यात्री पर्यटकों की संख्या को दोगुना कर देंगे। इससे कुछ जगहों जैसे काकड़ा और कुंड के बीच, सेमी गांव के पास और गुप्तकाशी कस्बे में अभी भी घंटों जाम की स्थिति बन रही है।

चारधाम यात्रा अभी 'सुगम' नहीं

सरकार द्वारा सुगम चारधाम यात्रा के दावे जोर-शोर से किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर आते-आते काम की स्थिति ऐसी है कि प्रशासन कम से कम अपनी पीठ तो नहीं थपथपा सकता। तीर्थयात्रियों की मंजिल उत्तराखंड के चारों धाम हैं, लेकिन धामों तक पहुंचने के लिए सड़कें कई जगह इतनी मुश्किलों भरी हैं कि तीर्थयात्रियों के लिए धाम तक पहुंचना सुगम तो नहीं कहा जा सकता।
बदरीनाथ हाइवे पर जगह-जगह ऑलवेदर रोड परियोजना का काम चल रहा है। जिस कारण रविवार 12 मई को बदरीनाथ धाम जा रहे और धाम से वापस लौट रहे तीर्थयात्रियों को रास्ते में कई जगहों पर घंटों जाम से जूझना पड़ा।बदरीनाथ हाईवे पर हिल कटिंग तो बंद हो गई है, लेकिन पुश्ता निर्माण और हाईवे सुधारीकरण कार्य अब तक जारी है। कई जगह सडकों पर पत्थरों को बिछाने का कार्य भी चल रहा है। यात्रियों को इस परेशानी का सामना चमोली चाड़े से बदरीनाथ धाम तक लगातार करना पढ़ रहा है।

प्रशासन का रास्ते पर नहीं, केवल धामों पर फोकस

रुद्रप्रयाग में 10 मई को स्थानीय लोगों ने प्रशासन के विरुद्ध शांत प्रदर्शन करते हुए बंद रखा गया। प्रशासन को ये भी ध्यान रखना होगा कि गौरीकुंड से केदारधाम तक यात्रियों के लिए जो असुविधायें हुईं, वो किसी की जान भी ले सकती थी। सड़क पर घंटों जाम की स्थिति से हलकान तीर्थयात्री को यदि धाम में पंहुचने पर भी असुविधाएं होंगी तो कम से कम ये जिम्मेदारी तो प्रशासन को अपने सर लेनी होगी। श्री केदारनाथ धाम यात्रा सदियों से स्थानीय लोगों का रोजगार भी रही है और स्थानीय लोग ही यात्रा में घोड़े-पालकी आदि से यात्रियों को धाम अपनी पीठ पर ढोते रहे हैं। अपने आराध्य भगवान केदारनाथ के दर्शनों को आये यात्रियों की सेवा करना स्थानीय लोग अपना अधिकार भी समझते हैं और सौभाग्य भी। स्थानीयों के साथ मिलकर ही यात्रा का सही और सुचारू संचालन किया जा सकता है। शनिवार और रविवार को घोड़े-खच्चर 3 बजे सुबह से दो बजे दोपहर तक गौरीकुंड में लगे जाम में फंसे रहे। उसके बाद घोड़े-खच्चर धाम नहीं जा पाए। जाम के बीच में दो खच्चरों की खाई में गिरने से मौत हो गई। और तीन खच्चर थकान के कारण मर गए।