उत्तराखंड में डेंगू के बाद कहर बरपा सकता है चमकी बुखार

एम्स हॉस्पिटल में एडमिट मरीज की चमकी बुखार से मौत हो गई, ये खबर चिंता बढ़ाने वाली है...

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उत्तराखंड में डेंगू पहले ही कहर बरपा रहा है और अब चमकी बुखार ने भी क्षेत्र में दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग को अब डेंगू के साथ-साथ चमकी बुखार से निपटने के भी इंतजाम करने होंगे। बिहार में नौनिहालों की जान लीलने वाला चमकी बुखार यानि एक्यूट इंसेफेलाइटिस अब उत्तराखंड आ पहुंचा है। गुरुवार को चमकी बुखार ने हरिद्वार के एक बुजुर्ग की जान ले ली। मामला बेहद गंभीर है। गुरुवार को मरने वाले बुजुर्ग को चमकी बुखार था, ये बात ऋषिकेश एम्स की रिपोर्ट में पता चली। डेंगू के बाद चमकी बुखार की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग सकते में है। पूरा मामला क्या है, ये भी बताते हैं। हरिद्वार के 58 साल के बुजुर्ग को बीमार होने पर एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मरीज के खून की जांच की गई तो लक्षण डेंगू बुखार के मिले। बुधवार से बुजुर्ग एम्स में एडमिट था। गुरुवार को उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को जब बुजुर्ग के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आई तो डॉक्टर्स भी चौंक गए। रिपोर्ट में पता चला कि बुजुर्ग को डेंगू नहीं बल्कि चमकी बुखार था। मरने वाला बुजुर्ग हरिद्वार के काशीपुरा इलाके का रहने वाला था।

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उत्तराखंड में मैदानों से लेकर पहाड़ों तक डेंगू पैर पसार चुका है। प्रदेश में डेंगू से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में चमकी बुखार से मौत का मामला वाकई चिंता बढ़ाने वाला है। राज्य समीक्षा यहां आपको चमकी बुखार के लक्षण और बचाव के तरीके बताने जा रहा है। पहले बात करते हैं लक्षणों की। आमतौर पर चमकी बुखार की चपेट में बच्चे ज्यादा आते हैं। बच्चे को तेज बुखार रहता है। बदन में ऐंठन रहती है। कमजोरी की वजह से बच्चा बार-बार बेहोश हो जाता है। शरीर सुन्न हो जाता है। बार-बार झटके लगने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम खराब हो जाता है। बच्चे में ये लक्षण दिखने पर उसे छायादार स्थान पर लेटा कर रखें। बुखार आने पर बच्चे को हल्के कपड़े पहनाएं। दाएं या बाएं लेटाकर अस्पताल लेकर जाएं। बच्चे को कंबल से ना ढकें, ना ही गर्म कपड़े पहनाएं। मरीज के बिस्तर पर ना बैठें, उसे बेवजह तंग ना करें। बुखार होने पर बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर जाएं। लापरवाही ना बरतें। जरा सी सावधानी बरत कर आप डेंगू के साथ-साथ चमकी बुखार से भी बचे रह सकते हैं।


Uttarakhand News: Old age patient’s death in haridwar

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