देहरादून में अब चालान नहीं, ई-चालान कट रहे हैं..जानिए किसका कटा पहला चालान

देहरादून में ई-चालान कटना शुरू हो गए हैं, अब ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों को कागज की स्लीप नहीं थमाई जाएगी...

DEHRADUN First E-Challan On Bike Riding Without Number Plate - E-Challan, Dehradun, Dehradun news, उत्तराखंड, उत्तराखंड न्यूज, ई-चालान, देहरादून,  देहरादून न्यूज, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले सुधर जाएं, क्योंकि देहरादून में आज से चालान नहीं बल्कि ई-चालान कटेगा। ई-चालान का मतलब तो आप समझ ही गए होंगे। अब ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों को चालान के तौर पर कागज की स्लीप पकड़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई चालान मशीन से वाहन की डिटेल और चालान संबंधी कार्रवाई की पूरी डिटेल कंट्रोल रूम के सर्वर में सेव हो जाएगी। इससे कागज बचेगा, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सहूलियत मिलेगी, साथ ही गैर जिम्मेदार वाहन चालकों को भी फाइन भरने के लिए कैशलेस सुविधा मिलेगी। वो अलग-अलग पेमेंट एप के जरिए चालान भर सकेंगे। आज से देहरादून में ई-चालान की प्रक्रिया शुरू हो गई। शुरुआत दिलाराम चौक से हुई, जहां जिले के नए एसएसपी अरुण मोहन जोशी की मौजूदगी में वाहन चालकों के चालान काटे गए। ई-चालान का शुभारंभ किन महाशय का चालान कटने से हुआ, ये भी बताते हैं। आगे पढ़िए

यह भी पढें - उत्तराखंड: क्या आचार्य बालकृष्ण को कोई मार देना चाहता है? जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
इन सज्जन का नाम है अरुण कुमार, जो कि कांवली के रहने वाले हैं। वाहन संख्या यूके 07 डीएन 6215 चलाने वाले अरुण का चालान इसलिए कटा, क्योंकि उनकी बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। चालानकर्ता अधिकारी निरीक्षक सीपीयू प्रदीप कुमार ने उनका चालान काट कर ई-चालान का शुभारंभ किया। वाहन चालक से सौ रुपये का फाइन वसूला गया। इस मौके पर एसएसपी ने लोगों को ई-चालान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ई-चालान सेवा से चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। लोग भी कैशलेस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। चालान मशीन के जरिए जो चालान किए जाएंगे, उस चालान का डेटा और वाहन चालक के डीएल का डेटा सीधे एनआईसी सर्वर पर सेव हो जाएगा। इससे ये पता लगाना भी आसान होगा कि किस कर्मचारी ने कितने चालान काटे। किसी का अगर दो या उससे ज्यादा बार चालान कटा है तो इसकी डिटेल भी आसानी से मिल जाएगी। ई चालान मशीन में क्यू-आर कोड स्कैनर की सुविधा है। जिसके जरिए पेमेंट एप यानि गूगल पे, फोन पे, पेटीएम के जरिए फाइन भरा जा सकता है। बता दें कि 20 अगस्त को पुलिस लाइन सभागार में एक ट्रेनिंग सेशन हुआ था। जिसमें पुलिसकर्मियों को ई चालान मशीन और उसके इस्तेमाल की जानकारी दी गई थी। आज से दून में ई-चालान कटने लगे हैं।


Uttarakhand News: DEHRADUN First E-Challan On Bike Riding Without Number Plate

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें