उत्तराखंड में पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज, मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस

सितारगंज में पुलिस कस्टडी में 17 साल के छात्र की मौत के मामले में चौकी प्रभारी और स्टाफ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है...पढ़िए पूरी खबर

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सितारगंज में पुलिस हिरासत में नाबालिग की मौत के बाद शुरू हुआ बवाल थमता नहीं दिख रहा है। इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। चौतरफा दबाव के बाद एसएसपी ने सिडकुल चौकी प्रभारी और अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने सिडकुल चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ नाबालिग छात्र को अवैध रूप से कस्टडी में लेने और हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में डीजीपी को नोटिस जारी करते हुए, जवाब देने को कहा है। नाबालिग की मौत के मामले में अभी किसी भी अधिकारी को विवेचक नहीं बनाया गया है। शुक्रवार को मृतक धीरू के पिता वीरेंद्र सिंह राणा ने एसएसपी बरिंदरजीत सिंह को पत्र भेजा और एसपी को तहरीर दी। तहरीर में वीरेंद्र सिंह राणा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गांव में रहने वाले राजा सिंह के घर में 9 जुलाई को चोरी हुई थी। चोरी के शक में बुधवार को सिडकुल पुलिस ने सुबह साढ़े ग्यारह बजे उनके बेटे धीरज राणा को रास्ते से उठा लिया। आगे पढ़िए

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गुरुवार की शाम उनके पास किसी का फोन आया, फोन करने वाले ने बताया कि उनके बेटे की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है। पुलिस आनन-फानन में किसी भी प्रकार की कार्रवाई कर सकती है। ये सुनते ही वीरेंद्र सिंह अपने बड़े बेटे शुभम और दूसरे परिजनों के साथ चौकी पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने देखा कि सिडकुल चौकी पुलिस धीरज की लाश को सीलबंद कर दूसरी जगह भेजने की फिराक में थी। उन्होंने पुलिस से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।


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पुलिसवालों ने परिजनों को थाने से भगाने की कोशिश की। पर परिजन धीरेंद्र को देखने की बात पर अड़े रहे तो पुलिसवाले उन्हें हवालात तक ले गए, जहां उनका बेटा मुर्दा पड़ा था। धीरज की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने सिडकुल चौकी पुलिस पर बर्बरता और अमानवीय कृत्य करने का आरोप लगाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। जिसके बाद एसएसपी ने चौकी प्रभारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकद्मा दर्ज करने के आदेश दिए। मृतक धीरज के पिता वीरेंद्र सिंह राणा की तहरीर पर सिडकुल चौकी के सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और छात्र को अवैध रूप से पुलिस कस्टडी में रखने के आरोप में आईपीसी की धारा 302 और 342 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि 11 जुलाई की दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर सिडकुल पुलिस चौकी के लॉकअप में बंद 17 साल के छात्र धीरज सिंह राणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वो सिसौना गांव का रहने वाला था।


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