जय जय केदारनाथ..सिर्फ 12 दिन में ही श्रद्धालुओं ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

तो तय मान लीजिए कि इस बार के यात्रा सीजन में भी केदारनाथ धाम में यात्रा का बड़ा रिकॉर्ड बनने जा रहा है।

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केदारनाथ में पुनर्निर्माण के बाद से काफी बदलाव हुए हैं। आपदा का वक्त जैसा केदारनगरी का हाल हुआ था, 5 सालों में 5 बदली केदारपुरी देखकर हर कोई हैरान है। वाल्तव में केदारपुरी में विराजमान बाबा भोलेनाथ का ये रूप अद्भुत है। ये ही वजह है कि हर साल श्रद्धालुओं की तादात बढ़ती ही जा रही है। बीते दो सालों में देश की पीएम नरेन्द्र मोदी यहां 4 बार आ चुके हैं और इस वजह से केदारनाथ धाम चर्चाओं में है। इस बार केदारनाथ धाम के कपाट खुले हुए सिर्फ 12 दिन का वक्त बीता है। इन 12 दिनों में ही यहां श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंच चुका है। यहां हर दिन करीब 10 से 15 हजार लोग दर्शनों को पहुंच रहे हैं। भले ही भारी बर्फबारी की वजह से केदारनाथ में फेब्रिकेटेड हट समेत पुनर्निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचा हो..इसके बाद भी ये आंकड़ा साबित करता है कि केदारधाम में देश और दुनिया के आस्थावान लोग सिर झुकाते हैं।

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गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक 16 किलोमीटर लंबा पैदल है। इसमें आठ किलोमीटर एरिया में जगह-जगह हिमखंड बने हैं। ऐसे में लग पहले रहा था कि यात्रा के लिए कम लोग आएंगे लेकिन आस्था को कौन रोक सकता है? शुरुआती दौर में यात्रा की रफ्तार भले ही सुस्त रही हो लेकिन दिन बीतते बीतते नया जोश और नया उत्साह देखने को मिल रहा है। आलम ये है कि नौ मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले तो करीब साढ़े छह हजार यात्री मंदिर पहुंचे थे। लेकिन अब ये आंकड़ा रोजाना बढ़कर 12 हजार से 15 हजार को छू रहा है। भले ही पिछले साल इस वक्त तक ये आंकड़ा 1 लाख 43 हजार के पार था, लेकिन अब जिस तरह से केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, वो अच्छे संकेत दे रहा है। पिछले साल यानी 2018 में केदारनाथ धाम में 732241 यात्री भोले बाबा के दर पर पहुंचे थे, साल 2013 की आपदा के बाद ये सबसे ज्यादा बड़ा रिकॉर्ड था। इस बार भी लग रहा है कि पिछली बार का रिकॉर्ड टूटेगा।
फोटो साभार-सलिल डोभाल फोटोग्राफी


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