पहाड़ का स्पेशल कोदा केक..स्वाद और सेहत का खजाना..शहरों में बढ़ रही है डिमांड

तो अगर आपने अब तक पहाड़ का कोदा केक चखा नहीं है, तो एक बार इसका स्वाद लेकर देखिए...शहरों में भी बिकने लगा है।

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अक्सर लोग कहते हैं कि पहाड़ में बीते वक्त के लोग बेहद ही बलिष्ठ, शारीरीक रूप से सुडौल, स्वस्थ और मजबूत कद काठी वाले होते थे। दरअसल ये सिर्फ कहावत नहीं बल्कि 100 फीसदी सच बात भी है। इसकी वजह है खान-पान और प्रकृति से बेहद करीबी। ज़रा सोचिए जो कोदा (मंडुवा) कई बीमारियों का इलाज होता था, उसे हम भूल गए और शहरी पैक्ड आटे की तरफ बढ़ गए। आपको बता दें कि पहाड़ी अनाजों का राजा मंडुवा अपने स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक गुणों के लिए मशहूर है। एक वक्त था जब इसका इस्तेमाल केवल पहाड़ी इलाकों में किया जाता था, लेकिन अब कोदे की बनी रेसेपी देहरादून के साथ साथ कई शहरों के बड़े होटलों और बेकर्स के मेन्यू का मुख्य हिस्सा बन गई हैं। मंडुवे से लड्डू, बर्फी और यहां तक कि क्रंची कुकीज तक तैयार हो रहे हैं। इन दिनों जो एक रेसेपी लोगों के बीच खासी लोकप्रिय हो रही है वो है कोदे से बना केक...ये केक स्वादिष्ट तो है ही, साथ ही खुद में कई पौष्टिक तत्व समेटे हुए है। फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोग इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। मंडुवे के आटे से तैयार केक दूसरे केक की तुलना में बेहद स्वादिष्ट है, साथ ही गुणों से भरपूर भी...यही वजह है कि मंडुवे के आटे से बने केक की डिमांड लगातार बढ़ रही है।

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मंडुवे का केक नार्मल केक की अपेक्षा 10 से 20 फीसद महंगा है, लेकिन सेहत के आगे कीमत कोई मायने नहीं रखती यही वजह है कि लोग थोड़ा ज्यादा कीमत होने के बावजूद इसे खरीदने से झिझकते नहीं। दून के रेस्टोरेंट्स से लेकर बेकरी तक में मंडुवे के बने प्रोडक्ट्स की खूब डिमांड है। पिछले एक साल में मंडुवे के केक की डिमांड बढ़ी है। नामचीन होटल्स में भी मंडुवे के केक को जगह मिल चुकी है। मंडुवे के केक को बनाते वक्त 70 फीसद मंडुवा इस्तेमाल होता है, जबकि 30 फीसद मैदे का उपयोग किया जाता है। मिक्स फ्रूट जैम, डार्क चॉकलेट, व्हाइट चॉकलेट, दूध, आइसिंग शुगर, चीनी, रिच क्रीम और कोकोनट पाउडर का इस्तेमाल कर केक के स्वाद को बढ़ाया जाता है। भारत में मंडुवे के आटे का इस्तेमाल पिछले तीन हजार सालों से किया जा रहा है। मंडुवे में शुगर की मात्रा बेहद कम होती है, इसलिए इससे बना खाना और केक डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। मंडुवे में मिलने वाला फाइबर पाचन क्रिया के लिए उपयोगी है। अपने इन्हीं गुणों की वजह से मंडुवे का केक खूब पसंद किया जा रहा है।


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