देभूमि का देवलसारी...यहां दिखी उड़ने वाली गिलहरी और दुनिया की सबसे खूबसूरत तितलियां

दुनिया की सबसे खूबसूरत तितलियों को देखना है तो टिहरी के देवलसारी चले आईए, जहां जल्द ही तितली महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

DEVALSARI UTTARAKHAND - देवलसारी, उत्तराखंड देवलसारी, उत्तराखंड टूरिज्म, उत्तराखंड फ्लाइंग स्क्वेरल, Devalsari, Uttarakhand Devalsari, Uttarakhand Tourism, Uttarakhand Flying Squirrel, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

प्रकृति ने उत्तराखंड को अपनी अनमोल नेमतों से नवाजा है। यहां की नैसर्गिक खूबसूरती दुनियाभर के लोगों को अपनी तरफ खींचती रही है, लोग तो यहां तक कहते हैं कि उत्तराखंड में परियों का एक खूबसूरत संसार बसता है। पहाड़ में परिलोक है या नहीं इस बारे में तो हम कोई दावा नहीं कर सकते, लेकिन हां यहां खूबसूरत तितलियों का अद्भुत संसार जरूर बसा है। ये जगह है टिहरी जिले का देवलसारी क्षेत्र जो कि खूबसूरत तितलियों का घर है। सबसे खास बात ये भी है कि देवलसारी से ही दुनिया के तमाम जीव विज्ञानियों को खुशी मिली है। दरअसल यहां उड़ने वाली गिलहरी भी मिली है। वैज्ञानिक शोध कहती है कि 80 साल पहले इस गिलहरी की प्रजाति खत्म हो गई थी। और अब बेहद ही किस्मत से ये गिलहरियां दिखती हैं। भारत, चीन, रूस, तिब्बत, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कुछ भागों में इसे बहुत रिसर्च के बाद देखा गया है। भारत में उड़न गिलहरी हिमालय के आसपास देवदार के पेड़ों पर ग्लाइडिंग करती देखी गई थी। इनमें से उत्तराखंड की दो खूबसूरत जगहें बताई जाती हैं। आगे जानिए...

यह भी पढें - पहाड़ के पंदेरा का पानी..शरीर की गंभीर बीमारियों का अचूक इलाज, जानिए इसके फायदे
पहला टिहरी जिले का देवलसारी और दूसरा उत्तरकाशी की नेलॉन्ग वैली। देवलसारी में तितलियों की प्रमुख प्रजातियां भी पाई जाती हैं, यही वजह है कि तितलियों के संरक्षण के लिए अब देवलसारी में तितली महोत्सव मनाया जाने लगा है। पिछले साल भी तितली महोत्सव आयोजित किया गया था और इस साल भी इस रंग-बिरंगे महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तितली महोत्सव 9 मई से शुरू होने वाला है, जो कि 13 मई तक आयोजित किया जाएगा। चार दिनों तक चलने वाले तितली महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रकृति प्रेमी, नेचर फोटोग्राफर्स और पर्यटकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक 3 दर्जन से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, आप भी तितलियों का ये रंगीला संसार देखाना चाहते हैं तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराईए।

यह भी पढें - केदारनाथ का अनमोल खजाना, जिसे पाने के लिए दुनिया बेकरार है...पहाड़ में कुदरत का करिश्मा
देवलसारी क्षेत्र ना केवल तितलियों बल्कि पक्षियों की अनोखी प्रजातियों के लिए भी जाना जाता है...बल्कि यहां तितलियों की करीब दो सौ और पक्षियों की डेढ़ सौ प्रजातियां मिलती हैं। यहां पर तितलियों की कॉमन जेस्टर, कॉमन पिकॉक, हिमालयन ग्रास डार्ट, सोलर सफायर, ग्रास जुविल, कॉमन फ्लास जैसी सैकड़ों प्रजातियां मिलती हैं। यही नहीं देवलसारी के जंगल में उड़ने वाली गिलहरी (फ्लाइंग स्क्वैरल) भी देखी गई है। बीते अक्टूबर में वन विभाग की टीम ने दुर्लभ प्रजाति की इस गिलहरी को देखा। अब विभाग इसके संरक्षण की तैयारी में जुट गया है। यह दुर्लभ गिलहरी बेहद कम स्थानों पर दिखती है। देवलसारी टिहरी जिला मुख्यालय से करीब 85 किमी की दूरी पर जौनपुर ब्लॉक में चंबा-मसूरी मार्ग पर स्थित है। यहां छोटे वाहनों से पहुंचा जा सकता है। पर्यटकों के रहने के लिए यहां पूरी व्यवस्था है। पर्यटकों के ठहरने के लिए यहां पर हट्स बनाई गई हैं। गर्मियों में बड़ी संख्या में पर्यटक और छात्रों के दल यहां की जैव विविधता को देखने पहुंचते हैं। इस स्थान को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए यहां तितली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।


Uttarakhand News: DEVALSARI UTTARAKHAND

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें