देवभूमि में गरीब छात्रों का सपना सच...15 अप्रैल से प्राइवेट स्कूलों की 95 हजार सीटों पर दाखिले!

उत्तराखंड में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी। निजी स्कूलों की करीब 95 हजार सीटों पर बच्चे एडमिशन ले सकेंगे।

POOR STUDENT ADMMISION IN UTTARAKAHND THROUGH RTE - उत्तराखंड, उत्तराखंड न्यूज, लेटेस्ट उत्तराखंड न्यूज, ब्रेकिंग न्यूज उत्तराखंड, उत्तराखंड बड़ी खबर, Uttarakhand, Uttarakhand News, Latest Uttarakhand News, breaking news Uttarakhand, Uttarakhand big ne, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

उत्तराखंड के गरीब बच्चों को भी अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ने का मौका मिलेगा। नए सत्र से बच्चे शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ले सकेंगे। प्रदेश के निजी विद्यालयों की करीब 95 हजार सीटों पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी। सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। आरटीई के तहत गरीब और वंचित वर्ग के छात्र नजदीकी प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिला ले सकेंगे। गरीब अभिभावक आरटीई के तहत अपने बच्चे का दाखिला अंग्रेजी स्कूलों में करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद स्कूलों में रिक्त सीटों की संख्या के आधार पर बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा। देहरादून, हरिद्वार और चमोली में आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं, जबकि दूसरे सभी जिलों में आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन होगी।

यह भी पढें - देवभूमि का रुख करेंगे विदेश में रहने वाले भारतीय उद्यमी..कल CM त्रिवेंद्र से होगी बात
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की वजह से इस साल आरटीई के एडमिशन तय समय पर नहीं हो पाए हैं। इस संबंध में कुछ दिन पहले सचिव समिति की बैठक हुई थी, जिसमें विभाग ने निर्वाचन आयोग से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी। आयोग की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को आरटीई के तहत एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी हो गया। शिक्षा परिषद के अपर राज्य परियोजना निदेशक एसबी जोशी ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आवेदन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही एडमिशन में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने एडमिशन से पहले सभी प्रमाणपत्रों की अनिवार्य जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिनियम के तहत बच्चे का प्रवेश उसी वार्ड के विद्यालय में किया जाएगा, जहां उसका निवास होगा।


Uttarakhand News: POOR STUDENT ADMMISION IN UTTARAKAHND THROUGH RTE

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें