चारधाम यात्रा के लिए हो जाइये तैयार, अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट

अक्षय तृतीया के दिन शुभ मुहूर्त में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। उसके बाद श्रद्धालु इन धामों के दर्शन कर सकेंगे।

GANGOTRI YAMUTORI KAPAT TO OPEN SOON - उत्तराखंड, उत्तराखंड न्यूज, लेटेस्ट उत्तराखंड न्यूज, गंगोत्री, यमुनोत्री, चार धाम यात्रा, उत्तराखंड टूरिज्म,Uttarakhand, Uttarakhand News, Latest Uttarakhand News, Gangotri, Yamunotri, Char Dham Yatra, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। शुभ मुहूर्त पर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि और समय तय हो गया है। प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट 7 मई को अक्षय तृतीया के दिन सवा एक बजे रोहिणी नक्षत्र में तीर्थयात्रियों के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु यमुनोत्री धाम के दर्शन कर सकेंगे। अक्षय तृतीया के दिन ही गंगोत्री धाम के कपाट भी खोले जाएंगे। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 11 बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इससे पहले छह मई को तय मुहूर्त 12.35 बजे गंगा जी की डोली यात्रा अपनी शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा से गंगोत्री के लिए रवाना होगी। रात्रि विश्राम भैरोंघाटी स्थित भैरव मंदिर में किया जाएगा और अगले दिन तय मुहूर्त पर गंगोत्री पहुंचकर मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। ये जानकारी यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल ने दी, उन्होंने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से खोले जाएंगे।

यह भी पढें - बन रही है उत्तराखंड की सबसे लंबी सुरंग, गंगोत्री-यमुनोत्री के बीच 26 किमी. दूरी घटेगी
आपको बता दें कि इससे पहले बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की जा चुकी है। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 10 मई 2019 को सुबह सवा चार बजे खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु 10 मई 2019 से भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर पाएंगे। वहीं बारह ज्योतिर्लिगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट नौ मई को सुबह 5.35 बजे खोले जाएंगे। आपको बता दें कि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चारों धाम सर्दियों में भारी बर्फबारी की चपेट में रहते हैं, इसीलिए उन्हें श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद कर दिया जाता है। बर्फबारी के कारण कपाट बंद होने पर गंगोत्री की मूर्ति को मुखवा में स्थापित कर दिया जाता है। शीतकाल में छह माह तक मां गंगा की पूजा यहीं होती है। वहीं यमुना जी की उत्सव मूर्ति शीतकालीन पड़ाव खरसाली गांव में स्थापित की जाती है। अगले साल मंदिरों के कपाट दोबारा अप्रैल—मई में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। हर साल अप्रैल-मई से अक्टूबर-नवंबर तक चलने वाली इस वार्षिक तीर्थयात्रा को गढ़वाल हिमालय की आर्थिकी की रीढ़ माना जाता है।


Uttarakhand News: GANGOTRI YAMUTORI KAPAT TO OPEN SOON

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें