देहरादून के मोहनलाल..80 साल की उम्र में भी पढ़ना नहीं छोड़ा, IGNOU से हासिल की डिग्री

देहरादून के मोहनलाल की कहानी आज के दौर में हर युवा के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है। आप भी पढ़िए

STORY OF DEHRADUN MOHANLAL GANDHI - उत्तराखंड, उत्तराखंड न्यूज, लेटेस्ट उत्तराखंड न्यूज, देहरादून, देहरादून न्यूज, Uttarakhand, Uttarakhand News, Latest Uttarakhand News, Dehradun, Dehradun News, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का नाम तो आपने सुना होगा। देहरादून में IGNOU का 32वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। खुशी की बात है कि इस साल उत्तराखंड में 1454 छात्रों को इस दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान की गई। 492 को पीजी, 547 को यूजी, 292 को पीजी डिप्लोमा और 123 को डिप्लोमा कोर्स पूरा करने पर डिग्री दी गई है। इन सबके बीच देहरादून के राजेंद्र नगर निवासी 80 वर्षीय मोहन लाल पर हर किसी की नज़रें टिक गई। 80 साल की उम्र में मोहन लाल जी ने मास्टर्स इन टूरिच्म मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है। वो कहते हैं ना कि सीखना एक प्रक्रिया है, जो जिंदगी भर खत्म नहीं होनी चाहिए। ये ही बात साबित कर दिखाई है मोहन लाल जी ने। आपको बता दें कि मोहन लाल गांधी ओएनजीसी से उप महाप्रबंधक के पद से रिटायर हैं। उन्हें बचपन से ही पढ़ने का जुनून रहा है। बचपन में पारिवारिक हालातों की वजह से पढ़ाई नहीं कर पाए, तो छोटे-मोटे काम कर परिवार का गुजारा करने लगे थे। आगे पढ़िए उनकी जिंदगी की कहानी...

यह भी पढें - गढ़वाली लड़की का जलवा..PM मोदी की बायोपिक में जसोदाबेन का रोल करेंगी बरखा बिष्ट
भले ही घर में तमाम सुविधाएं नहीं थी लेकिन मोहन लाल जी ने अपनी काबिलियत के बूते आइआइटी रुड़की में डिप्लोमा कोर्स में दाखिला हासिल किया। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि मोहन लाल गांधी इग्नू से एमबीए कर चुके हैं। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन, टूरिज्म, एनवायरमेंट साइंस एंड सस्टेनेबल डेवलेपमेंट की भी पढ़ाई कर चुके हैं। फिर भी पढ़ने की ललक खत्म नहीं हुई। इस वक्त वो इग्नू से सस्टेनेबल साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। वो कोलकाता से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री भी हासिल कर चुके हैं। वो वक्त मिलने पर ट्रैकिंग पर जाते हैं और खास तौर पर उन्हें बागवानी की भी शौक है। उनका बेटे का नाम गौरव है, जो कि राजपुर रोड पर दुकान चलाते हैं। इसके अलावा उनका 14 साल पोता दक्ष कक्षा 9 में पढ़ रहा है। वास्तव में ऐसी कहानियां हर किसी के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती हैं। अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें।


Uttarakhand News: STORY OF DEHRADUN MOHANLAL GANDHI

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें