देवभूमि में महाकाली की तंत्र साधना का केंद्र, यहां सिर झुकाती है दुनिया..देखिए तस्वीरें

कहते हैं कि यहां महाकाली साक्षात् रूप में विराजमान रहती हैं। आपको भी यहां आकर अद्भुत अहसास होगा। देखिए कालीमठ की तस्वीरें

Kalimath sidhpeeth of uttarakhand - उत्तराखंड, उत्तराखंड न्यूज, लेटेस्ट उत्तराखंड न्यूज, उत्तराखंड टूरिज्म, कालीमठ, सिद्धपीठ कालीमठ, Uttarakhand, Uttarakhand News, Latest Uttarakhand News, Uttarakhand Tourism, Kalimath, Sidhpith Kalimat, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

देवभूमि उत्तराखंड में मां आदिशक्ति का वास है। सदियों से यहां मां भगवती के अलग-अलग रूपों की पूजा होती आई है। रुद्रप्रयाग जिले के कालीमठ में मां आदिशक्ति के दैवीय पुंज की ऊर्जा आज भी महसूस की जा सकती है। कालीमठ मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। तंत्र और साधना करने वालों के लिए इस मंदिर का महत्व कामख्या और मां ज्वालामुखी के मंदिरों समान है। कालीमठ मां दुर्गा के काली स्वरूप को समर्पित है। यहां मौजूद मंदिर में श्रद्धालु किसी प्रतिमा की नहीं, बल्कि एक पवित्र कुंड की पूजा करते हैं। ये कुंड सालभर रजतपट श्रीयंत्र से ढंका रहता है। केवल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी के दिन कुंड के पट खोले जाते हैं और देवी की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस कुंड में साक्षात मां काली का वास है। आगे देखिए इस मंदिर भी भव्य तस्वीरें।

1/6 शारदीय नवरात्र में यहां पूजा केवल मध्यरात्रि में होती है
Kalimath sidhpeeth of uttarakhand ONE

कालीमठ मंदिर के पास 8 किलोमीटर चढ़ाई के बाद एक दिव्य चट्टान के दशर्न होते हैं, जिसे श्रद्धालु काली शिला के रूप में जानते हैं।

2/6 यहां से 8 किलोमीटर दूर कालीशिला भी है
Kalimath sidhpeeth of uttarakhand TWO

कालीमठ मंदिर के पास 8 किलोमीटर चढ़ाई के बाद एक दिव्य चट्टान के दर्शन होते हैं, जिसे श्रद्धालु काली शिला के रूप में जानते हैं।

3/6 मां ने शुंभ, निशुंभ और रक्तबीज दानव का वध
Kalimath sidhpeeth of uttarakhand THREE

कहा जाता है कि मां दुर्गा शुंभ, निशुंभ और रक्तबीज दानव का वध करने के बाद यहां 12 साल की कन्या के रूप में प्रकट हुईं थीं।

4/6 देवी-देवताओं के 64 यंत्र
Kalimath sidhpeeth of uttarakhand FOUR

यहां आज भी देवी काली के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं। यहां देवी-देवताओं के 64 यंत्र भी स्थापित हैं। इस जगह पर आज भी 64 योगिनियां विचरण करती हैं।

5/6 महाकाली, श्री महालक्ष्मी और श्री महासरस्वती
Kalimath sidhpeeth of uttarakhand FIVE

कालीमठ में महाकाली, श्री महालक्ष्मी और श्री महासरस्वती के तीन भव्य मंदिर है। कहा जाता है कि कालीमठ में ही कवि कालिदास ने मां काली की आराधना कर ज्ञान का वरदान हासिल किया था।

6/6 नवरात्र में श्रद्धालुओं का तांता
Kalimath sidhpeeth of uttarakhand SIX

नवरात्र में यहां मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धा से मांगी गई मनोकामना मां काली जरूर पूरी करती हैं।


Uttarakhand News: Kalimath sidhpeeth of uttarakhand

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें