काश पहाड़ का हर सांसद अनिल बलूनी जैसा हो, 11 महीने में कर दिखाए 12 बेमिसाल काम

राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने अपने 11 महीने के कार्यकाल में पहाड़ के लिए बेमिसाल काम कर दिखाए। उनके फैसले नजीर बन गए हैं।

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पहाड़ को ऐसे जनप्रतिनिधि चाहिए, जो इसकी समस्याओं को...इसकी पीड़ा को महसूस कर सकें। राज्यसभा सांसद के तौर पर उत्तराखंड को एक ऐसा ही जनप्रतिनिधि मिला है, जिसने अपने 11 महीने के कार्यकाल में पहाड़ के लिए वो काम कर दिखाए, जो सालों से नहीं हुए थे। ये सांसद हैं अनिल बलूनी...राज्यसभा सांसद के तौर पर अनिल बलूनी के छह साल के कार्यकाल का पहला साल 3 अप्रैल को पूरा हो रहा है। पहाड़ के लिए काम करने के लिए उन्हें केवल 11 महीने ही मिल सके, क्योंकि लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। कम वक्त में ही अनिल बलूनी ने अपनी पहचान सतर्क, जुझारू और संवेदनशील सांसद के तौर पर बनाई है। वो पहाड़ की बुनियादी समस्याओं को समझते हैं और पिछड़ेपन और पलायन को दूर करने के लिए प्रयास में जुटे हुए हैं।

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बीजेपी में राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे अनिल बलूनी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अच्छे रिश्ते और तालमेल रहा है, जिसका फायदा पहाड़ को खूब हो रहा है। उन्होंने अपना पहला वेतन उन्होंने राजकीय अनाथालय के बच्चों के कल्याण के लिए दान कर दिया था। पहाड़ के दूसरे जनप्रतिनिधियों को भी उनसे सीख लेने की जरूरत है। अपने कार्यकाल के 11 महीने में उन्होंने ऐसे 12 काम कर दिखाए, जो नजीर बन गए हैं। उनके प्रयास से कोटद्वार और उत्तरकाशी के अस्पतालों में आईसीयू की स्थापना हुई। सेना और अर्द्धसेना के अस्पतालों में आम लोगों का इलाज हो पाया। आईटीबीपी के अस्पतालों में भी आम लोगों का उपचार होना शुरू हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के लिए एनडीआरएफ की अलग बटालियन आवंटित कराई। विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की पैरवी कर उनकी समस्या के समाधान का प्रयास भी अनिल बलूनी कर रहे हैं।

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इसके साथ ही उनके प्रयास से मसूरी पेयजल योजना के लिए 187 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। तीलू रौतेली व माधो सिंह भंडारी के स्मारकों को पुरातत्व विभाग से संरक्षित करवाना हो या फिर नैनी दून एक्सप्रेस का संचालन...अनिल बलूनी हर मोर्चे पर खुद को साबित करते दिखे। उनके प्रयास से रामनगर में आधुनिक बस पोर्ट की स्थापना हुई, राज्य के लिए अलग दूरदर्शन चैनल शुरू हुआ है। इसके साथ ही टनकपुर-बागेश्वर से गैरसैंण-कर्णप्रयाग रेल लाइन के सर्वे के लिए धन स्वीकृत कराना भी उनकी बड़ी उपलब्धि है। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी कहते हैं कि इस वित्तीय वर्ष में चुनाव अधिसूचना के कारण 11 माह कार्य करने को मिले। अगले वित्तीय वर्ष में साढ़े 10 महीने मिल पाएंगे। लेकिन, मैं पूर्ण ऊर्जा के साथ नए लक्ष्य निर्धारित करूंगा। मेरे आगामी लक्ष्यों में वे कार्य हैं, जो राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।


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