उत्तराखंड के लापता CRPF जवान की मौत किस वजह से हुई ? जानिए बड़ी बातें

अब सवाल ये है कि आखिर सीआरपीएफ जवान जयेन्द्र सिंह पुंडीर की मौत कैसे हुई ? हो सकता कि ये खबर हर किसी के लिए सचेत करने वाली हो। इसलिए शेयर भी करें

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उत्तराखंड में शोक की लहर है। ऋषिकेश के लापता सीआरपीएफ जवान जयेन्द्र सिंह पुंडीर की मौत के बाद हर कोई हतप्रभ है। 12 दिन तक जयेंद्र लापता थे और उसके बाद मिले भी तो अस्पताल में भर्ती मिले। उस दौरान बताया गया था कि जयेन्द्र सिंह पुंडीर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। होली पर एक जवान अपने घर आ रहा था लेकिन इस तरह से विदा होगा...शायद किसी ने सोचा नहीं था। अब सवाल ये है कि आखिर जयेन्द्र सिंह पुंडीर की मौत किन परिस्थितियों में हुई ? आखिर वो क्या वजह थी कि वो अस्पताल में गंभीर हालत में मिले ? अब तक इन बातों से पर्दा तो नहीं हटा लेकिन कुछ बातें हैं...जो इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि जयेन्द्र शायद जहर खुरानी गिरोह का शिकार हुए हैं। जवान जयेंद्र की बहन शशि कुमांई ने मीडिया को बताया था कि उनके पास 11 मार्च एक फोन आया था, जिसमें बताया गया था कि जयेंद्र को किसी ने कुछ खिला दिया है और वो नशे की हालत में है। तो सवाल वो ही है कि क्या जयेंद्र जहर खुरानी का शिकार बने हैं। आगे जानिए कि आखिर कितना खतरनाक होता है जहर खुरानी गिरोह।

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हाल ही में एक वेबसाइट में छपी रिपोर्ट बताती है कि लंबे रूट की रोडवेज की बसों और ट्रेनों में जहरखुरानी गिरोह चलता है। ये गिरोह सबसे ज्यादा उत्तराखंड के कुमाऊं, गढ़वाल के सीधे साधे फौजियों को अपना निशाना बनाता है। इस गिरोह के सदस्य मुसाफिर को अपनी बातों के जाल में फंसाकर खाद्य पदार्थ में नशीली चीज मिलाकर खिला देते हैं। अगर ऐसा न हो तो वो धोखे से नशीला स्प्रे सुंघा देते हैं। इसके बाद मुसाफिर बेहोश हुआ और उसका सारा सामान लूट लिया जाता है। जहरखुरानी गिरोह का शिकार बनने से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका ये है कि सफर में किसी से दोस्ती ना करें। इस गिरोह के सदस्य अपने शिकार को बेहोश करने के लिए कीटामिन और लोराजीपॉम जैसी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ये दवाएं ऑपरेशन करने से पहले इस्तेमाल की जाती हैं। इतना समझ लीजिए कि आपरेशन के लिए 50 किलो के व्यक्ति को बेहोश करने के लिए करीब 3 एमएल दवा जाती है। कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि जहरखुरानी गिरोह इस दवा का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा वो नाक आउट प्वाइजनिंग क्लोरल हाईड्रेड स्प्रे का भी इस्तेमाल करते हैं।


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