‘बधाई है जी...उत्तराखंड को अनंत रोजगार की बधाई है’, पढ़िए इंद्रेश मैखुरी का ब्लॉग

बधाई है, जी बधाई है ! अंततः उत्तराखंड सरकार ने अनंत रोजगार की योजना चालू कर दी है। इंद्रेश मैखुरी का ये ब्लॉग आप जरूर पढ़िए।

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कुछ ही दिन पहले अखबारों में खबर थी कि उत्तराखंड में 56 हजार पद रिक्त हैं. यह खबर बजट दस्तावेजों के जरिये बाहर निकली थी. और सरकार को पता चला तो सरकार ने तुरंत,तत्काल प्रभाव से अनंत रोजगार की योजना शुरू कर दी. अनंत रोजगार बोले तो अनंत को रोजगार देने की योजना. अनंत जानते हैं ना ! अरे, वही देश के सबसे बड़े अमीर मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी. अनंत बाबू को डबल इंजन का जो पिछले वाला इंजन है,उत्तराखंड वाला,उसके ड्राईवर त्रिवेन्द्र रावत ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का सदस्य नामित कर दिया है. त्रिवेन्द्र भाई क्या दूरदृष्टि है आपकी,क्या सोचा है आपने,वाह ! बड़े अंबानी यानि मुकेश भाई ने अभी-अभी दिसंबर में बिटिया ईशा की शादी की है. कौन -कौन नहीं आया उस शादी में ! हिलेरी क्लिंटन से लेकर प्रणब मुखर्जी तक,बॉलीवुड तो जैसे बिछा पड़ा था,वहाँ. अब इतनी बड़ी,भव्य,दिव्य शादी करने के बाद मुकेश भाई पर कर्जा तो बहुत ही हो गया होगा !

वैसा भी जितने बड़े आदमी हैं,मुकेश भाई,उतना बड़ा मकान है उनका,27 मंज़िला और मकान की ऊंचाई से ऊंचा तो इसे देश के बैंकों के कर्जे का पहाड़,पहले से है,उनपर. कई हजार करोड़ रुपये का कर्ज. अमीर होना भी कोई हंसी-ठट्टा थोड़े ही है. ऐसे ही अमीर नहीं हो जाता कोई. बैंकों से हजारों करोड़ रुपया कर्जा लेना पड़ता है. फिर बैंक की तरफ पीठ फेर कर खड़ा हो जाना पड़ता है ताकि बैंक आपकी दर पर नाक रगड़े. सरकार चिलम भरती है कि माई बाप,कम से कम एक-आध बैंक ऐसा छोड़ देना,जो कर्ज वसूल न कर पाने के गम में ख़ुदकुशी न करे. तो मुकेश भाई पर जो कर्ज है ,उसे तारने का जिम्मा किस पर है-बेटे पर. बेटा,बाप का कर्ज चुका सके,इस लायक उसे बनाने का जिम्मा किसका है ? अजी, बाप के जिनका माई बाप है,फरमाबरदार हैं जो उसके,उनका है,और किसका है ! त्रिवेन्द्र भाई, परसनली मुकेश अंबानी को जानते हों या न जानते हों, पर ये तो जानते ही हैं कि इस देश की सब सरकारों के माईबाप मुकेश अंबानी ही हैं. फिर मोदी जी की पीठ पर तो मुकेश अंबानी का हाथ ठहरा ही !

मोदी जी की पीठ पर मुकेश अंबानी के हाथ वाला फोटो,इस देश में आखिर किसने नहीं देखा ! जिसका हाथ देश के प्रधानमंत्री की पीठ पर है,उसके लड़के का भला सोचना तो राष्ट्रीय कर्तव्य है ! इस मामले में त्रिवेन्द्र रावत ने क्या फुर्ती दिखाई. देश में कितने राज्यों में भाजपा की सरकारें पर मुकेश भाई के बेटे को एडजस्ट करने के बारे में सोचा सका कोई? भाजपा के सारे सूरमा सोचते ही रह गए और त्रिवेन्द्र रावत ने अपनी पीठ के लिए मुकेश अंबानी के हाथ का बंदोबस्त भी कर लिया. सोशल मीडिया में कुछ नासपीटे लाख उन्हें “ढीलेन्द्र” कहते रहें पर ऐसी फुर्ती दिखा सका कोई !कुछ लोग कहेंगे कि अंबानी के बेटे की हैसियत से मंदिर समिति के सदस्य का पद कुछ छोटा है. अरे साहब, ये तो इनटर्नशिप है. बेटा सरकार को नजदीक से देखेगा,छोटे मोटे मंत्री-संतरियों की पीठ पर हाथ रखना सीखेगा,तभी तो एकदिन देश की सरकार के मुखिया की पीठ पर हाथ रखना और देश को जेब में रखना सीख सकेगा !

तो उत्तराखंड के बेरोजगारो,त्रिवेन्द्र रावत ने अंबानी के बेटे को रोजगार दे दिया है. छोटे-मोटे हजारों को रोजगार देने से तो नाम होता नहीं,बड़े वाले एक को रोजगार देने से नाम होगा. लोग कहेंगे- देखो मुख्यमंत्री है तो उत्तराखंड वाला,जिसने अंबानी के लड़के को रोजगार दे दिया ! बाकी स्कूल,अस्पताल सब चलाने का जिम्मा जब आउटसोर्स किया जा रहा है तो सबको रोजगार देने का जिम्मा ही त्रिवेन्द्र रावत अपने पास क्यूँ रखें ? अपने कार्यकर्ता वे एडजस्ट कर ही रहे हैं और अंबानी के लड़के के नाम तो उनकी पगड़ी पर मोरपंख की तरह लहराएगा ही ! बाकी तुम जानो,तुम्हारा काम जाने !
ये ब्लॉग वरिष्ठ पत्रकार इंद्रेश मैखुरी के ब्लॉग से लिया गया है।


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