पहाड़ के चंदन नेगी का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज..केदार आपदा पीड़ितों के लिए किया था बेमिसाल काम

अल्मोड़ा के रहने वाले धावक चंदन सिंह का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। उन्होंने केदारनाथ आपदा पीड़ितों की मदद के लिए जबरदस्त काम किया था।

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समाज के लिए कुछ बेहतर करने का इरादा मन में हो रास्ते अपने आप निकल आते हैं। ऐसा ही इरादा मैराथन धावक चंदन सिंह नेगी का था। साल 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा ने जब पहाड़ के लोगों को तोड़कर रख दिया था। घर उजड़ गए थे, कई परिवारों ने अपना मुखिया खो दिया था। इस घटना ने मैराथन धावक चंदन सिंह नेगी को पहाड़ के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी। वो आपदा पीड़ितों के लिए कुछ करना चाहते थे। उनके इरादे नेक थे और दिल में कुछ बेहतर करने का जज्बा भी, जिसने उन्हें ताकत दी। पिछले साल चंदन सिंह नेगी ने अपने चार साथियों के साथ रानीखेत से केदारनाथ तक 300 किलोमीटर की मैराथन दौड़ पूरी की थी। इस उपलब्धि के लिए चंदन सिंह नेगी का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। चंदन सिंह नेगी ने आपदा प्रभावित गांवों की विधवा महिलाओं के लिए 2.10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एकत्रित की थी। चंदन सिंह नेगी 2011 से विभिन्न राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैराथन में भाग ले चुके हैं। वह फ्रांस, सिंगापुर, थाइलैंड, दिल्ली, चेन्नई और मुंबई में भी मैराथन में प्रतिभाग कर चुके हैं।

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मैराथन धावक चंदन सिंह नेगी पिलखोली गांव के रहने वाले हैं। इस वक्त वो गुरुग्राम हरियाणा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं। चंदन कहते हैं कि साल 2014 में जब उन्हें केदारनाथ आपदा के बाद वहां हुए नुकसान के बारे में पता चला तभी उन्होंने इस क्षेत्र के लिए कुछ करने का फैसला कर लिया था। आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान दियोली वरम गांव में हुआ था। साल 2018 में सुलभ इंटरनेशनल एनजीओ से चंदन सिंह का संपर्क हुआ। सुलभ के माध्यम से उन्होंने अपने दिल्ली एनसीआर स्थित चार साथियों राजन कचरू, रविंद्र रावत, विकास कौल और अशोक सुयाल के साथ पिछले साल 20 मई को रानीखेत से केदारनाथ के लिए मैराथन शुरू की। इस दौरान उन्होंने कुल 300 किलोमीटर की दूरी पांच दिनों में पूरी की, साथ ही लोगों की मदद से 2.10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी एकत्रित की। पहाड़ को ऐसे ही लोगों की जरूरत है जो इसकी पीड़ा को महसूस करते हैं...उसे जीते हैं, ऐसे लोगों को हमारा सलाम।


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