देवभूमि का ‘सुपरहीरो’..जब पाकिस्तान से लौटा तो देश ने किया था ऐसा ‘अभिनंदन’

देवभूमि के उस रिटायर्ड कैप्टन की कहानी...जिसे 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान बंदी बनाया गया था। उनका देशवासियों ने दिल खोलकर स्वागत किया।

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वो साल 1971 का दौर था....जब भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान देश के इस जांबाज को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बना लिया था। एक साल एक महीने उन्हें दुश्मन देश की जेल में रहना पड़ा....प्रताड़ना सहनी पड़ी पर वो टूटे नहीं...पाकिस्तान ने उन्हें लालच दिया...नहीं माने तो पीटा भी पर उन्होंने साफ कह दिया था कि उन्हें देश से प्यारा कुछ नहीं....आखिरकार एक साल एक महीने के बाद पाकिस्तान ने उन्हें छोड़ दिया। ये हैं रिटायर्ड कैप्टन विजेंद्र सिंह गुरुंग जो कि अब देहरादून में रहते हैं। शुक्रवार को जब पाकिस्तान ने इंडियन एयर फोर्स के जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा किया तो कैप्टन विजेंद्र सिंह के जेहन में साल 1971 के भारत-पाक युद्ध की यादें ताजा हो गईं। कैप्टन विजेंद्र सिंह गुरुंग के पाकिस्तान से भारत लौटने पर उनका भी अभिनंदन की तरह जोरदार स्वागत हुआ था। आगे जानिए कहानी...

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सड़क पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए थे...जिन पर लिखा था वेलकम द वार हीरो। दून में रहने वाले कैप्टन विजेंद्र सिंह को पाकिस्तान ने 1971 के युद्ध में बंदी बना लिया था। पाकिस्तानी जेल में उन्हें दुश्मनों ने खूब प्रताड़ित किया, ताकि वो भारतीय सेना के राज उगलवा सकें...लेकिन विजेंद्र देश के लिए मरने की कसम खा चुके थे। दुश्मन उनसे कुछ नहीं उगलवा पाए। युद्ध के दौरान उन्हें सिर पर तीन गंभीर चोटें लगी थीं। जिसके चलते वे चार साल तक अस्पताल में भर्ती रहे। कैप्टन विजेंद्र सिंह गुरुंग को गाने का भी शौक है, अपने इस हुनर से उन्होंने दुश्मनों को भी अपनी आवाज का मुरीद बना लिया था। दरअसल हुआ यूं कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने पाक अधिकारियों से देशभक्ति गाना गाने की परमिशन मांगी थी…

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परमिशन मिलने पर जब उन्होंने गाना गाया तो पाक अधिकारी वाह-वाह कर उठे...फिर तो पाक अधिकारियों की तरफ से उन्हें बार-बार गाने की फरमाइशें मिलने लगीं और उन्होंने एक के बाद एक प्रस्तुतियों से उनका दिल जीत लिया। खैर जेल में किसी तरह 13 महीने का वक्त बीता और वो घड़ी भी आ गई, जब उन्हें अपने वतन लौटना था। भारत लौटने पर कैप्टन विजेंद्र सिंह का वाघा बॉर्डर पर जोरदार स्वागत किया गया। वापस लौटने पर उन्हें 10 दिन की छुट्टी मिली और उसके बाद असम में तैनात कर दिया गया। कैप्टन विजेंद्र ने अभिनंदन वर्धमान की बधाई पर खुशी जताई है, उन्होंने एयर स्ट्राइक पर वायुसेना को बधाई भी दी। रिटायर्ड कैप्टन विजेंद्र कहते हैं कि पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि वो शैतानी नीयत वाला देश है, और इसका सबूत वो अपनी करतूत से बार-बार देता रहा है। देश को अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से पाकिस्तान को सबक सिखाना होगा।


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